12 Jan 2026

'मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला...' पढ़ें बशीर बद्र के चुनिंदा शेर.

लिबास की क़ीमत

यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं, मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे.

धड़कते पत्थर 

हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं, उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में.

आँखें हमारी

तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा, मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा.

दोस्ती न मिला

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला, अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला.

विरासत में मिले

ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं, तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा.

शख़्स को माँगा

ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने, बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला.

यूँ करो

तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊंगा, यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो.

मिरा महबूब 

इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी, लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे.

बर्बाद ज़िंदगी

तुम मोहब्बत को खेल कहते हो, हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली.