14 Feb 2026

'आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें...' पढ़ें साहिर लुधियानवी के दिल जीत लेने वाले शेर.

यही इल्ज़ाम 

 तुम मेरे लिए अब कोई इल्ज़ाम न ढूंडो, चाहा था तुम्हें इक यही इल्ज़ाम बहुत है.

मोहब्बत से मोहब्बत

आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें, हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं.

धुएँ में उड़ाता

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया.

ज़िंदगी ने दिया

इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ, जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से.

अंदाज़ समझ

मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूं, वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो.

मसअलों का हल

जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी.

मुझे बर्बाद किया

वैसे तो तुम्हीं ने मुझे बर्बाद किया है, इल्ज़ाम किसी और के सर जाए तो अच्छा.

भुलाता चला गया

जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया, जो खो गया मैं उस को भुलाता चला गया.