26 Feb 2026
'मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है...' पढ़ें जोश मलीहाबादी के दिल जीत लेने वाले शेर.
दिल की चोटों
दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया, जब चली सर्द हवा मैं ने तुझे याद किया.
ख़बर हो शायद
मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद, लोग कहते हैं कि तुम ने मुझे बर्बाद किया.
बेहतरीन हिस्सा
मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है, उम्र का बेहतरीन हिस्सा है.
दिल बर्बाद
इस का रोना नहीं क्यूँ तुम ने किया दिल बर्बाद, इस का ग़म है कि बहुत देर में बर्बाद किया.
अपनी तरफ़
हद है अपनी तरफ़ नहीं मैं भी, और उन की तरफ़ ख़ुदाई है.
क़सम ख़ुदा
किसी का अहद-ए-जवानी में पारसा होना, क़सम ख़ुदा की ये तौहीन है जवानी की.
हमारे दिल
एक दिन कह लीजिए जो कुछ है दिल में आप के, एक दिन सुन लीजिए जो कुछ हमारे दिल में है.
मेरा तग़य्युर
काम है मेरा तग़य्युर नाम है मेरा शबाब, मेरा ना'रा इंक़िलाब ओ इंक़िलाब ओ इंक़िलाब.
तबस्सुम की सज़ा
तबस्सुम की सज़ा कितनी कड़ी है, गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है.