Home Top News बे-मौसम बारिश और तूफान से गेहूं-सरसों की फसल बर्बाद, शामली के किसानों के चेहरे पर मायूसी

बे-मौसम बारिश और तूफान से गेहूं-सरसों की फसल बर्बाद, शामली के किसानों के चेहरे पर मायूसी

by Live Times
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Shamli Rain Damage Crop (1)

Shamli Rain Damage Crop: शामली में एक बार भारी बारिश के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई है. बे-मौसम बरसात ने सरसों और गेहूं की फसल को नष्ट कर दिया है, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है.

16 March, 2026

  • शामली से पंकज मलिक की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में एक बार फिर कुदरत की मार किसानों पर भारी पड़ी है. बे-मौसम हुई तेज बारिश और तूफान ने किसानों की गेहूं और सरसों की फसल को पूरी तरीके से बर्बाद कर दिया, जिस कारण किसान अब मायूस नजर आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि बे-मौसम बरसात और तेज तूफान के कारण उनकी गेहूं और सरसों की फसल करीब 80% तक बर्बाद हो गई है. गेहूं तो सारे जमीन पर लेट गए हैं तो वहीं बारिश के कारण सरसों भी फली से निकलकर सब जमीन पर बरस गई है.

रातभर में फसल बर्बाद

शामली में बीती रात हुई तेज बारिश और तूफान के कारण किसानों की गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई. बारिश और तूफान इतना तेज था कि किसानों की फसल के साथ-साथ आम जनमानस की अन्य चीज भी प्रभावित हुई हैं. जहां फसलों को तो भारी नुकसान हुआ ही है. वहीं बिजली के पोल भी कई जगह टूट कर सड़क पर गिर गए हैं जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुबह जब खेत पर जाकर किसानों ने देखा तो उनके महीना भर की मेहनत बर्बाद हो चुकी थी और सरसों की फसल चाहे वह खेत पर खड़ी हो या फिर कटाई के बाद खेत में पड़ी हो, बारिश के कारण सरसों की फली से सरसों निकालकर जमीन पर बिछ चुकी थी और गेहूं की फसल जमीन पर लेट चुकी थी.

मायूस होकर बर्बादी का मंजर देख रहे किसान

कई किसान खेत पर अपनी फसल को देखते हुए सर पड़कर बैठे हुए नजर आए तो कहीं किसान अपने खेत में घूम कर फसल की बर्बादी का मंजर देख रहे थे. किसानों का कहना है की कुदरत की मार पहले ही गन्ने पर पड़ी थी लेकिन गेहूं और सरसों पर फिर जिस प्रकार कुदरत का कहर टूटा है उसे वह पूरी तरीके से बर्बाद हो गए हैं अब किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है. किसानों की गन्ने की फसल पर पहले ही कुदरत की मार पड़ी थी और बरसात होने के कारण गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ था, जिस कारण गन्ने में उचित वजन नहीं निकला. किसानों ने सोचा था कि गेहूं और सरसों की फसल को थोडा बढ़ा लिया जाए जिससे कि किसानों का खर्च निकल सके और वह अपना गुजर बसर कर सके लेकिन शामली में कुदरत की मार ऐसी पड़ी कि गेहूं और सरसो भी बर्बाद हो गए.

सरकार से मुआवजे की मांग

गांव गोहरपुर के किसान मिंटू राठी ने बताया कि कुदरत का कहर उन पर टूटा है और गेहूं की सारी फसल धरती पर लेट गई है और सरसों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. पहले गन्ना बर्बाद हो गया था. लंबे समय तक बारिश हुई थी. अब गेहूं और सरसों की फसल भी बर्बाद हो गई. किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने तेज बारिश के साथ तूफान और बारिश से किसानों की फसल बर्बादी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि हम सरकार से मांग करते हैं कि सरकार इसका सर्वे करा कर जल्द से जल्द किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का काम करें.

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