07 April 2026
ट्रंप की धमकी के बीच होर्मुज से 7 और 9 अप्रैल को भारत पहुंचेंगे दो और LPG लदे जहाज
होर्मुज जलडमरूमध्य
पश्चिम एशिया संकट के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सानवी’ और ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित पार कर चुके हैं.
जहाजरानी मंत्रालय
इसे मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत बताई जा रही है. जहाजरानी मंत्रालय ने बताया कि 46,650 टन एलपीजी लेकर ‘ग्रीन सानवी’ 7 अप्रैल को और ‘ग्रीन आशा’ 9 अप्रैल को भारतीय बंदरगाह पहुंचेंगे.
फारस की खाड़ी
उम्मीद जताई जा रही है कि इन टैंकरों के भारत पहुंचने से LPG संकट से राहत मिल सकती है. हालांकि, वर्तमान में 16 अन्य भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं
16 जहाज
अधिकारियों कहा कि फारस की खाड़ी में अब भी फंसे 16 जहाजों में से एक एलएनजी, दो एलपीजी, 6 कच्चे मालवाहक जहाज हैं (पांच भरे हुए, एक खाली), 3 कंटेनर जहाज शामिल हैं.
जलडमरूमध्य
ईरान द्वारा जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने के लिए शुल्क वसूलने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारी मंगल ने कहा कि हमें इस तरह के भुगतान की कोई जानकारी नहीं है.
एलपीजी
अधिकारियों ने कहा कि देश अपनी रसोई गैस की 60 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है. इस आगमन से एलपीजी की कमी को कम करने में मदद मिलेगी.
पश्चिम एशिया
भारत में पिछले साल 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई, जिसमें मांग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात का था. इनमें से 90 प्रतिशत आयात पश्चिम एशिया से हुआ.
शिपिंग
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और तेहरान के व्यापक जवाबी कार्रवाई ने जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग को लगभग रोक दिया है.