08 April 2026
RBI ने दी राहत! रेपो पेट में नहीं हुआ कोई बदलाव; GDP ग्रोथ रेट 6.9% रहने की उम्मीद
मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी
ईरान और US-इजराइल संघर्ष में सीजफायर के बाद ग्लोबल रिकवरी की उम्मीद के बीच, रिजर्व बैंक ने बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की मीटिंग के बाद जरूरी घोषणाएं किए हैं.
रिजर्व बैंक
रिजर्व बैंक ने उम्मीद के मुताबिक इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया. यह पॉलिसी फैसला ऐसे समय में आया है जब डेढ़ महीने से चल रहे वेस्ट एशिया संघर्ष ने एनर्जी सप्लाई में रुकावट डाली है
इन्फ़्लेशन टारगेट
पिछले महीने सरकार द्वारा RBI के लिए नए इन्फ़्लेशन टारगेट की घोषणा के बाद यह पहला मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू है.
रिटेल इन्फ़्लेशन
सरकार ने RBI से मार्च 2031 तक खत्म होने वाले अगले पांच सालों के लिए रिटेल इन्फ़्लेशन को 4 प्रतिशत पर बनाए रखने को कहा है, जिसमें दोनों तरफ 2 प्रतिशत का मार्जिन होगा.
रेपो रेट
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने एकमत से शॉर्ट-टर्म लेंडिंग रेट या रेपो रेट को न्यूट्रल रुख के साथ 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है.
रेपो रेट
रेपो रेट वह ब्याज रेट है जिस पर RBI बैंकों को लोन देता है. इसे कम करने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किश्तें कम हो जाती है.
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स
रेट कट पर रोक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित हेडलाइन रिटेल महंगाई के बाद आई है, जो फरवरी में RBI के मीडियम-टर्म टारगेट 4 प्रतिशत के करीब 3.21 प्रतिशत पर पहुंच गई.
इंपोर्ट महंगाई
युद्ध के बाद से रुपये में 4 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई है, जिससे इंपोर्ट महंगाई बढ़ने का असर हुआ है.
US डॉलर
US और ईरान के सीजफायर के ऐलान के बाद US डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे बढ़कर 92.56 पर पहुंच गया है.