24 April 2026

भारतीय चाट में इमली का रहता है अहम रोल, देश के इस हिस्से में होती है सबसे ज्यादा पैदावार

 इमली का नाम

भारतीय रसोई की बात हो और इमली का नाम न आए, भला ऐसा कैसे हो सकता है? गोलगप्पे का तीखा पानी हो, साउथ इंडियन सांभर का खट्टापन या फिर घर की चटपटी चटनी, इमली हर डिश का स्वाद बढ़ा देती है. 

 किस कोने 

क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी थाली तक पहुंचने वाली ये इमली आती कहां से है? भारत के किस कोने में इसके सबसे ज्यादा बागान हैं?

तमिलनाडु

अगर आप सोच रहे हैं कि इमली की सबसे बड़ी उपज कहां होती है, तो जवाब है- तमिलनाडु. दक्षिण भारत का ये स्टेट देश में इमली की पैदावार के मामले में नंबर वन पर है.

हॉट क्लाइमेट

तमिलनाडु का हॉट क्लाइमेट और यहां के ड्राई एरिया इमली के पेड़ों के लिए जन्नत जैसे हैं. यहां के गांव में, जहां कम पानी वाली खेती की जाती है, वहां इमली के पेड़ अच्छी-खासी मात्रा में पाए जाते हैं.

इमली के पेड़

तमिलनाडु के किसान अक्सर अपने खेतों के बॉर्डर पर इमली के पेड़ लगाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि इमली के पेड़ों को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती और इनकी उम्र भी काफी लंबी होती है.

इमली को प्रोसेस 

यहां से कटी हुई इमली को प्रोसेस करके पल्प बनाया जाता है और फिर इसे देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों में भी भेजा जाता है.

कर्नाटक

तमिलनाडु के अलावा भारत के कई और राज्य भी हैं जहां इमली की खेती बड़े लेवल पर होती है, जैसे कर्नाटक. यहां का मौसम भी इमली के लिए काफी अच्छा है. 

आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र

इसके अलावा आंध्र प्रदेश की इमली अपनी खास खटास के लिए फेमस है. साथ ही महाराष्ट्र भी पीछे नहीं है. यहां भी इमली की अच्छी पैदावार होती है. 

ग्रामीण इलाकों

इन राज्यों में इमली की खेती न सिर्फ खाने की जरूरतें पूरी करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा भी है. अब तो कई राज्यों में इमली से बने पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स बनाने वाले बिजनेस भी तेजी से बढ़ रहे हैं.