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Hemant Soren: देखा था इंजीनियर बनने का सपना, बन गए झारखंड के CM; पढ़ें हेमंत सोरेन की दिलचस्प स्टोरी

by Pooja Attri
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Hemant Soren: झारखंड के दिग्गज नेताओं में शुमार हेमंत सोरेन ने गुरुवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वह राज्य के 13वें मुख्यमंत्री बने.

04 July, 2024

Hemant Soren: झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) के दिग्गज नेताओं में शुमार हेमंत सोरेन ने गुरुवार को तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. इसके साथ ही वह झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री बने. जमीन घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) से जमानत मिलने के बाद 28 जून को वह जेल से रिहा हुए थे. इससे पहले वह करीब 5 महीने तक जेल में रहे. दरअसल, हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी, 2024 को गिरफ्तार होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. फिर जेल से छूटने के बाद गुरुवार को राजभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. ऐसे में आज हम आपको हेमंत सोरेन के जीवन से जुड़ी अहम बातें बताते हैं.

देखा इंजीनियर बनने का सपना, बन गए राजनेता

हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के बेटे हैं. लोगों को यह जानकर ताज्जुब होगा कि हेमंत ने इंजीनियर बनने का सपना देखा था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों और राजनीतिक हालात ऐसे बने कि वह राजनीति में आ गए. लगातार मेहनत करने के बाद वह प्रदेश में अपने पिता के राजनीतिक उत्तराधिकारी बन गए. इसके बाद सीएम के पद तक पहुंचे.

कुछ ऐसा रहा हेमंत सोरेन का राजनीतिक सफर

हेमंत सोरेन की स्कूली शिक्षा पटना (बिहार) में हुई. वह 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद इंजीनियर बनना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने बीआईटी मेसरा में बी-टेक में दाखिला भी लिया था. पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें इंजीनियरिंग छोड़कर राजनीति में एंट्री लेनी पड़ी. 2019 में हेमंत सोरेन JMM की अगुवाई करते हुए बरहेट से विधायक बने और बतौर मुख्यमंत्री राज्य की कमान संभाली. राजनीति में धमाकेदार एंट्री लेने वाले हेमंत सोरेन को 2014 के विधानसभा चुनाव में दुमका सीट से पराजय मिली. इससे पहले 2010 में हेमंत को झारखंड का उपमुख्यमंत्री बनाया गया. वह 11 सितंबर 2010 से 8 जनवरी 2013 तक प्रदेश के डिप्टी सीएम रहे.

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विधायक बनने के साथ बढ़ाई राजनीति में सक्रियता

2009 हेमंत सोरेन पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर विधायक बने. झारखंड की राजनीति में बड़ा चेहरा बने हेमंत सोरेन की राजनीतिक यात्रा बड़ी ही दिलचस्प है. राजनीति में कदम रखने के कुछ समय बाद वह सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई सरकार में उपमुख्यमंत्री बने. यह अलग बात है कि विवादों के चलते हेमंत सोरेन BJP से अलग हुए और उन्होंने UPA के साथ मिलकर सरकार बना ली. राजनीति यात्रा के क्रम में वह 2014 के चुनाव में नेता प्रतिपक्ष बने. इसके बाद 2019 में फिर उनकी सत्ता में वापसी हुई और सीएम बने.

हेमंत सोरेन की हुई है Arrange Marriage

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने अपनी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई रांची (झारखंड) से ही की है. यह अलग बात है कि कल्पना मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं. 1976 में रांची में जन्मीं कल्पना के परिजन ओडिशा में ही रहते हैं. अधिकतर लोग सोचते हैं कि हेमंत सोरेन और कल्पना की लव मैरिज हुई है, लेकिन ऐसा नहीं है. दोनों की अरेंज मैरिज 7 फरवरी 2006 को हुई. शादी के बाद ही वर्ष 2009 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन को पहली बार संसदीय राजनीति में सफलता मिली थी.

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