22 Feb 2026
लठमार से लेकर लड्डू मार तक, ऐसी विभिन्न प्रकार की खेली जाती है वृंदावन में होली.
फाल्गुन का महीना
सनातन धर्म में फाल्गुन महीने का खास महत्व है. फाल्गुन महीने की शुरुआत होते ही लोगों में होली का उत्साह आ जाता है. फाल्गुन महीने के आते ही सनातन परंपरा के कई खास त्योहार शुरू हो जाते हैं, जिनमें सबसे शानदार ब्रज क्षेत्र में देखने को मिलते हैं.
व्रंदावन की होली
फाल्गुन शुरू होते ही पूरा ब्रज क्षेत्र खासकर मथुरा और वृंदावन अबीर, गुलाल और फूलों की खुशबू से भर जाता है. व्रंदावन की होली पूरे देश में लोकप्रिय है.
लड्डूमार होली
ब्रज में होली की धूम लड्डूमार होली से शुरू होती है. इस दिन भक्त राधारानी मंदिर में एक दूसरे पर लड्डू फेंकते हैं. यह होली बेहद खास होती है. अगर आपको इसका आनंद लेना है तो आपको श्रीजी राधा रानी के मंदिर जाना पड़ेगा.
लठमार होली
लड्डूमार होली के बाद आती है लठमार होली, जो बहुत चर्चित है. इस दिन बरसाने में महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और परुष अपना बचाव करते हैं. यह परंपरा हंसी मजाक और प्रेम से भरी है.
फूलों की होली
इसके बाद आती है फूलों वाली होली. इस दिन बांके बिहारी मंदिर में सभी भक्त एक दूसरे पर फूल डालकर होली खेलते हैं. फूलों वाली होली भी बहुत प्रसिद्ध है.
छड़ीमार होली
अब बारी आती है छड़ीमार होली की. छड़ीमार होली लठमार होली की तरह ही खेली जाती है, लेकिन इस दिन महिलाएं पुरुषों को छड़ी से मारती हैं. माना जाता है कि कान्हा जब गोपियों को परेशान करते थे तो गोपियां उन्हें छड़ी से मारती थीं.
विधवाओं की होली
वृंदावन में विधावाओं के लिए खास होली का आयोजन होता है. यह होली मुख्य रूप से पागल बाबा आश्रम में खेली जाती हैं, जहां विधवा महिलाएं अपनी सफेद साड़ी से आगे बढ़कर रंगों और फूलों से होली खेलती हैं.
रंगों की होली
अब आती है मुख्य रूप से खेली जाने वाली रंगों वाली होली. इस दिन बृज समेत पूरे देश में लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं और खुशियां बांटते हैं. लोग रंग गुलाल और पिचकारी से होली खेलते हैं.
दाऊजी का हुरंगा
दाऊजी का हुरंगा के साथ होली का समापन किया जाता है. यह होली कृष्ण के बड़े भाई बलराम को समर्पित है. यह भी लठमार होली की तरह ही खेला जाता है, लेकिन इसमें लाठी की जगह कपड़े के कोड़े का इस्तेमाल किया जाता है.