06 Jan 2026

'घर के बाहर ढूंढता रहता हूं दुनिया...' पढ़ें राहत इंदौरी के दिल को जीत लेने वाले शानदार शेर.

नुमाइश में ख़लल

रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है, चांद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है.

होंटों पे चिंगारी

आंख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो, ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो.

आंखों का भरम

ये ज़रूरी है कि आंखों का भरम क़ाएम रहे, नींद रक्खो या न रक्खो ख़्वाब मेयारी रखो.

ढूंढता रहता

घर के बाहर ढूंढता रहता हूं दुनिया, घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है.

चांद मिरे 

सूरज सितारे चांद मिरे साथ में रहे, जब तक तुम्हारे हाथ मिरे हाथ में रहे.

दीवार उठे

मिरी ख़्वाहिश है कि आंगन में न दीवार उठे, मिरे भाई मिरे हिस्से की ज़मीं तू रख ले.