08 April 2026
भारत के इस अनोखे मंदिर में भक्त खाते हैं चूहों का जूठा प्रसाद.
देवी-देवताओं
हर मंदिर की अपनी कथा है और लोगों का उसमें विश्वास है. आमतौर पर मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है. लेकिन राजस्थान के बॉर्डर इलाके में स्थित करणी माता मंदिर में चूहों को प्रसाद खिलाया जाता है.
जूठा प्रसाद
वहीं सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मंदिर में चूहों का जूठा प्रसाद ही भक्तों में बांटा जाता है.
बीकानेर जिले
यह मंदिर बीकानेर जिले के बॉर्डर इलाके में है, जो अपनी मान्यता के लिए दुनियाभर में मशहूर है. चूहों को यहां खासतौर पर पवित्र माना जाता है, इसलिए करणी माता मंदिर में 1-2 नहीं, बल्कि 25,000 चूहे रहते हैं.
करणी माता
सभी भक्त जो भी प्रसाद लाते हैं, उसे करणी माता को चढ़ाने के बाद वहां के चूहों को भोग लगाया जाता है. इसके बाद वही प्रसाद भक्तों में बांटा जाता है.
काबा
यहां चूहों को काबा कहते हैं. बता दें कि मंदिर में चूहों को जूठा प्रसाद चढ़ाना या खाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन भक्त इसे अपनी आस्था से खाते हैं.
सफेद चूहा
भक्तों के अनुसार, अगर पूजा के दौरान सफेद चूहा दिख जाए, तो उनकी मनोकामना पूरी होती है. मंदिर में शाम की आरती के समय, बड़ी संख्या में चूहे अपने बिलों से बाहर निकलते हैं.
मूषक मंदिर
मंदिर में चूहों की बड़ी संख्या के कारण, इसे मूषक मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. चूहों का मारना गंभीर पाप माना जाता है और अगर किसी ने गलती से चूहे को मार दिया तो उसे सोने का चूहा चढ़ाना पड़ता है.
मुगल स्टाइल
मुगल स्टाइल में बने और सफेद मार्बल से बने इस मंदिर में चांदी के दरवाजे हैं. इस मंदिर को किसने बनवाया था?