24 Jan 2026
'ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को...' पढ़ें जौन एलिया के दिल जीत लेने वाले शेर.
मिरी कोई ज़िंदगी
अब मिरी कोई ज़िंदगी ही नहीं, अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या.
मिरी कोई ज़िंदगी
बिन तुम्हारे कभी नहीं आई, क्या मिरी नींद भी तुम्हारी है.
अंदाज़ से गँवाने
ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को, अपने अंदाज़ से गँवाने का.
जहान-ए-ख़राब
हासिल-ए-कुन है ये जहान-ए-ख़राब, यही मुमकिन था इतनी उजलत में.
बाँहों में बहकने
मेरी बाँहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले, अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझ को.
मिरे मिज़ाज
हाँ ठीक है मैं अपनी अना का मरीज़ हूं, आख़िर मिरे मिज़ाज में क्यूँ दख़्ल दे कोई.
उम्र भर
मैं रहा उम्र भर जुदा ख़ुद से, याद मैं ख़ुद को उम्र भर आया.
बात बे-असर
मेरी हर बात बे-असर ही रही, नक़्स है कुछ मिरे बयान में क्या.
बात ख़तरे की
अब नहीं कोई बात ख़तरे की, अब सभी को सभी से ख़तरा है.