06 April 2026
शरीर के अंदर क्या चल रहा है उसको जानने के लिए कराएं ये 10 मेडिकल टेस्ट.
ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि बिना किसी लक्षण में सीधा हार्ट अटैक के साथ जानलेवा साबित हो सकता है. हाई बीपी स्ट्रोक का भी कारण बन सकता है. वहीं कुछ लोगों का बीपी कमजोरी के कारण लो रहता है.
ब्लड शुगर टेस्ट
भारत में डायबिटिक पेशेंट का आंकड़ा 10 करोड़ के पार पहंच गया और बढ़ता ही जा रहा है. लोगों को डायबिटीज का पता नहीं चलता और उनका शुगर लेवल बढ़ता रहता है, इसलिए आप साल में एक बार ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाएं.
लिपिड प्रोफाइल
गलत खान-पान से शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा होता है. यह टेस्ट आपके खून में कोलेस्ट्रॉल लेवल को मापता है. इससे टेस्ट से HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल का पता चलता है.
थायरॉइड टेस्ट
यह उन हॉर्मोन का टेस्ट करता है जो आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करते हैं. थायरॉइड की समस्या हो जाने से वजन बढ़ने, थकान या हॉर्मोनल समस्याओं जैसी परेशानियां हो सकती हैं.
CBC
CBC आपके खून के रेड ब्लड सेल, व्हाइट ब्लड सेल, प्लेटलेट्स जैसे अलग-अलग हिस्सों का टेस्ट करता है. इससे एनीमिया, कमजोरी, इन्फेक्शन और इम्यून सिस्टम की समस्याओं का पता चल सकता है.
लिवर फंक्शन टेस्ट
गलत खान-पान से लिवर में इन्फेक्शन होने के चांस बढ़ जाता है. लिवर फंक्शन टेस्टआपको बताता है कि आपका लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं. यह फैटी लिवर, इन्फेक्शन और नुकसान का पता लगा सकता है.
किडनी फंक्शन टेस्ट
किडनी की बीमारी का पता जल्द नहीं लग पाता है, ऐसे में धीरे-धीरे बीमारी बढ़ती जाती है और आखिर किडनी सही तरह से काम नहीं कर पाती. इसलिए साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर करवाना चाहिए, ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके.
विटामिन D और मिनरल्स
विटामिन D, B12 और अन्य मिनरल्स की कमी से शरीर में थकान, कमजोरी और हड्डियों में दर्द हो सकता है. यह टेस्ट शरीर की एनर्जी और हड्डियों की हेल्थ का पता लगाने में मदद करता है.
ECG
यह दिल की धड़कन और उसकी इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है. इससे दिल की असामान्यताओं या दिल की समस्या के शुरुआती लक्षणों का पता लगाया जा सकता है. इसके अलावा BMI, आंखों और दांतों की जांच भी हर 6 महीने में जरूर करवानी चहिए.