24 Feb 2026
'हवा बहार की आएगी और मैं चूमूंगा...' पढ़ें ज़ीशान साहिल के दिल को छू लेने वाले शेर.
दिल-ए-नादान
अब तो ये शायद किसी भी काम आ सकता नहीं, आप ही ले जाइए मेरे दिल-ए-नादान को.
इख़्तिलाफ़ किया
जो वो नहीं था तो मैं मुत्तफ़िक़ था लोगों से, वो मेरे सामने आया तो इख़्तिलाफ़ किया.
गहन में बहुत
आया था मेरे पास वो कुछ देर के लिए, सूरज मगर गहन में बहुत देर तक रहा.
तिरी शबाहत
हवा बहार की आएगी और मैं चूमूंगा, वो सारे फूल कि जिन में तिरी शबाहत है.
पाने से बहुत
जो हमें पा के भी खोने से बहुत पीछे था, हम उसे खो के भी पाने से बहुत आगे हैं.
दास्तान मुकम्मल
वो दास्तान मुकम्मल करे तो अच्छा है, मुझे मिला है ज़रा सा सिरा कहानी का.
हमें ढूँडेगा
कोई आ के हमें ढूँडेगा तो खो जाएगा, हम नए ग़म में पुराने से बहुत आगे हैं.
रंग है दिल
बस एक रंग है दिल में किसी के होने से, अब अपने-आप को इस से भी सादा क्या करना.
खिड़की के रस्ते
खिड़की के रस्ते से लाया करता हूं, मैं बाहर की दुनिया ख़ाली कमरे में.