Budget 2026: भारतीय चाय संघ (TAI) ने केंद्रीय बजट में ‘प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना’ को एक वर्ष और बढ़ाने के प्रस्ताव का स्वागत किया है.
Budget 2026: भारतीय चाय संघ (TAI) ने केंद्रीय बजट में ‘प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना’ को एक वर्ष और बढ़ाने के प्रस्ताव का स्वागत किया है. भारतीय चाय संघ के महासचिव पीके भट्टाचार्य ने इस फैसले पर सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह असम और पश्चिम बंगाल के चाय बागान श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं और उनके बच्चों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बता दें कि इस योजना को मूल रूप से 2024-25 और 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य चाय बागान क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है. संघ का मानना है कि इस विस्तार से चाय बागान क्षेत्रों में सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी. इसके अतिरिक्त बजट में असम के बागान श्रमिकों के लिए परिवार पेंशन और जीवन बीमा जैसे सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का भी उद्योग ने स्वागत किया है.
बागान श्रमिकों को मिली सामाजिक सुरक्षा
भट्टाचार्य ने कहा कि चाय उद्योग इस बात से भी प्रसन्न है कि बजट में असम में बागान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है. यह प्रावधान चाय बागान श्रमिकों के लिए जमा-लिंक्ड बीमा योजना के माध्यम से बागान श्रमिकों के लिए पारिवारिक पेंशन-सह-जीवन बीमा लाभ प्रदान करता है. ये योजनाएं असम सरकार द्वारा असम चाय बागान भविष्य निधि और परिवार पेंशन एवं कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों के लिए लागू की गई है. इस प्रावधान में केंद्र सरकार का योगदान और प्रशासनिक शुल्कों की प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे बागान श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय संरक्षण सुनिश्चित होता है. चाय संघ के महासचिव ने कहा कि बजट देश के दीर्घकालिक संरचनात्मक विकास पर केंद्रित है और ‘युवा शक्ति’ को सशक्त बनाता है.
भारतीय चाय संघ ने बजट को बताया प्रगतिशील
उन्होंने कहा कि यह एक प्रगतिशील बजट है, जिसमें विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप है. भट्टाचार्य ने कहा कि इसमें “प्रौद्योगिकी, संसाधन प्रबंधन और फसल विविधीकरण को एकीकृत करके कृषि को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया गया है. उन्होंने कहा कि बजट की एक प्रमुख पहल ‘भारत-विस्तार’ है, जो एक बहुभाषी एआई-संचालित कृषि सलाहकार मंच है जो एग्रीस्टैक और कृषि पद्धतियों को एकीकृत करता है. बागान मालिकों के संगठन ने कहा कि बजट ने रोजगार और विकास के इंजन के रूप में एमएसएमई और स्टार्ट-अप को मजबूत किया है. भट्टाचार्य ने आगे कहा कि बजट में पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास को भी समर्थन दिया गया है. साथ ही दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की गई है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
