Home Religious 15 या 16 फरवरी कब है महाशिवरात्रि? जान लें सही तारीख, जलाभिषेक समय और शिव मंत्र

15 या 16 फरवरी कब है महाशिवरात्रि? जान लें सही तारीख, जलाभिषेक समय और शिव मंत्र

by Neha Singh
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Mahashivratri Shubh Muhurat

Mahashivratri Shubh Muhurat: शिवभक्तों को महाशिवरात्रि का इंतजार रहता है. यहां आपको महाशिवरात्रि की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा नियम के बारे में बताया गया है.

3 February, 2026

फाल्गुन महीने की शुरुआत हो चुकी है. फाल्गुन हिंदू कैलेंडर का सबसे आखिरी महीना होता है, जिसको धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस महीने महाशिवरात्री और होली का त्योहार आता है. महाशिवरात्रि पर पवित्र स्नान के साथ ही माघ मेले का समापन होता है. शिव भक्तों को महाशिवरात्रि का इंतजार रहता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. महाशिवरात्रि पर शिव भक्त व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. यहां आपको महाशिवरात्रि की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा मंत्केर बारे में बताया गया है.

कब है महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि का त्योहार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार के दिन शाम को 5 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 16 फरवरी, सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर खत्म होगी. अगर पूजा शुभ मुहूर्त में की जाए तो यह और भी फलदायी होती है. तो आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और साथ जलाभिषेक कब करना चाहिए.

महा शिवरात्रि 4 प्रहर पूजा का समय

  • प्रथम प्रहर पूजा का समय: शाम 06:39 बजे से रात 09:45 बजे तक
  • द्वितीय प्रहर पूजा का समय: रात्रि 09:45 बजे से रात्रि 12:52 बजे तक
  • तृतीय प्रहर पूजा का समय: प्रातः 12:52 बजे से प्रातः 03:59 बजे तक
  • चतुर्थ प्रहर पूजा का समय: प्रातः 03:59 बजे से प्रातः 07:06 बजे तक

मुख्य जलाभिषेक समय

महाशिवरात्रि के दिन सभी भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. महादेव को दूध, भांग और धतूरा चढ़ाया जाता है. यहां जलाभिषेक के मुहूर्त बताए गए हैं.

  • ब्रह्म मुहूर्त/सुबह: सुबह 06:47 से सुबह 09:42 तक
  • दोपहर: सुबह 11:06 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
  • शाम: दोपहर 03:25 से शाम 06:08 तक
  • रात: रात 08:53 से 12:01 मिनट तक

पूजा मंत्र

  1. ओम नमः शिवाय
  2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।
  3. ॐ हौं जूं सः मृत्युंजयाय नमः ॥
  4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥

यह भी पढ़ें- होली से लेकर महाशिवरात्रि तक, 1-2 नहीं फाल्गुन महीने में आएंगे 11 त्योहार, देखें पूरी लिस्ट

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