Rahul Gandhi in Sultanpur: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP-MLA कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों से संबंधित 2018 के मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया.
Rahul Gandhi in Sultanpur: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP-MLA कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों से संबंधित 2018 के मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया. राहुल गांधी ने विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा की अदालत में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं. उनका तथा उनकी पार्टी का चेहरा धूमिल करने के उद्देश्य से ये आरोप लगाए गए हैं. कांग्रेस नेता के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च तय की है. उस दिन रायबरेली से सांसद राहुल को अपने बचाव में सबूत पेश करने को कहा गया है. वकील ने कहा कि गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है.
राहुल के समर्थन में लगे नारे
राहुल गांधी ने कहा कि ये आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं. मैंने कभी किसी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है, न ही मैंने किसी को बदनाम करने के इरादे से ऐसी भाषा का प्रयोग किया है. मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करके झूठी शिकायत दर्ज की गई है. गांधी ने अदालत को बताया कि ये आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं, जिनका उद्देश्य मेरी और मेरी पार्टी की छवि को धूमिल करना है. अपना बयान दर्ज कराने के बाद जब कांग्रेस नेता अदालत से बाहर निकले, तो पार्टी समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए. गांधी ने जाने से पहले भीड़ को देखकर मुस्कुराया और हाथ हिलाया. गांधी सुबह करीब 10.40 बजे सुल्तानपुर अदालत में दाखिल हुए और बयान दर्ज कराने के बाद करीब 11.15 बजे वहां से चले गए. अदालत की सुनवाई से पहले कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सुल्तानपुर में ‘सत्यमेव जयते’ लिखे पोस्टर लगाए थे.
2018 से चल रहा है मामला
यह मामला 2018 का है, जब स्थानीय भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. मिश्रा ने आरोप लगाया था कि 2018 के कर्नाटक चुनावों के दौरान कांग्रेस नेता ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. भाजपा नेता मिश्रा के वकील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि वादी और दो गवाहों से जिरह पूरी हो चुकी है. यह मुकदमा पिछले पांच वर्षों से चल रहा है. दिसंबर 2023 में अदालत में पेश न होने पर गांधी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था. इसके बाद उन्होंने फरवरी 2024 में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद एक विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25,000 रुपये के दो जमानती जमानत पर रिहा कर दिया. 26 जुलाई 2024 को गांधी ने अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने निर्दोष होने का दावा करते हुए मामले को राजनीतिक साजिश बताया. इसके बाद अदालत ने शिकायतकर्ता को मामले में सबूत पेश करने का निर्देश दिया.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
