US-Iran war: वाशिंगटन द्वारा ईरान को अल्टीमेटम दिये जाने के बाद पश्चिम एशिया संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है.
US-Iran war: वाशिंगटन द्वारा ईरान को अल्टीमेटम दिये जाने के बाद पश्चिम एशिया संकट गंभीर स्थिति में पहुंच गया है, ऐसे में भारत ने मंगलवार को ईरान में अपने नागरिकों को अगले 48 घंटों तक जहां भी हों वहीं रहने की सलाह दी है. एक तत्काल सलाह में ईरान में भारतीय दूतावास ने भारतीयों से घर के अंदर रहने और सैन्य प्रतिष्ठानों, बिजली के बुनियादी ढांचे और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से बचने का आग्रह किया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को समाप्त करने के लिए पूर्वी समय के अनुसार रात 8 बजे (बुधवार सुबह 5:30 बजे भारतीय समय) की समय सीमा को पूरा नहीं करता है, तो “पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी”. भारत ने कहा है कि पिछली सलाह को जारी रखते हुए भारतीय नागरिक जो अभी भी ईरान में हैं, उन्हें अगले 48 घंटों तक वहीं रहना चाहिए, जहां वे हैं.
बिजली, सैन्य प्रतिष्ठानों से रहें दूर
भारतीय सभी बिजली, सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर जाने से बचें, घर के अंदर रहें और किसी भी राजमार्ग को दूतावास के साथ समन्वयित करें. सलाह में कहा गया है कि दूतावास द्वारा किराए पर लिए गए होटलों में मौजूद लोगों को दूतावास की टीमों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखते हुए घर के अंदर ही रहना चाहिए. सभी से अनुरोध है कि वे आधिकारिक अपडेट की बारीकी से निगरानी करें. दूतावास ने कहा कि उसके आपातकालीन नंबर चालू रहेंगे. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले के बाद जब संघर्ष शुरू हुआ, तब छात्रों सहित लगभग 9,000 भारतीय ईरान में थे. अब तक लगभग 1,800 भारतीय भारत लौट आए हैं.
तेहरान पर हवाई हमले तेज
उधर, ईरान की राजधानी तेहरान पर मंगलवार को सिलसिलेवार तेज हवाई हमले हुए हैं. जवाब में ईरान ने इज़राइल और सऊदी अरब पर गोलीबारी की. ये हमले तब हुए जब ईरानी अधिकारियों ने युवाओं से बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर मानव शृंखला बनाने का आग्रह किया, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की नवीनतम समय सीमा करीब आ गई थी. ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान होर्मुज नहीं खोलता हो तो मंगलवार रात 8 बजे की तय समय सीमा को पूरा नहीं करता है तो ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों पर बमबारी की जाएगी. ट्रंप ने कहा कि पूरे ईरान को एक रात में तबाह कर सकते हैं. ट्रंप ने पिछली समय सीमा को बार-बार बढ़ाया है, लेकिन सुझाव दिया कि यह अंतिम है.उन्होंने कहा कि वह पहले ही ईरान को पर्याप्त अतिरिक्त समय दे चुके हैं.
तेहरान ने युद्धविराम को किया खारिज
मालूम हो कि 28 फरवरी को इज़राइल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग बंद कर दी है. सोमवार को तेहरान ने 45 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है. मंगलवार तड़के तेहरान ने सऊदी अरब पर सात बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च कीं. ईरानी मीडिया ने बताया कि अन्य हवाई हमलों में शहरयार शहर में नौ लोग और पारदीस में छह और लोग मारे गए. तेल अवीव और इलियट में मिसाइलें आने की रिपोर्ट के साथ ईरान ने भी इज़राइल पर गोलीबारी की.
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने ट्रंप को दी नसीहत
उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद के कारण तेल की कीमत आसमान छू रही हैं और वैश्विक आर्थिक समस्याएं पैदा हो रही हैं. न्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मंगलवार को ट्रंप से आगे न बढ़ने का आग्रह करते हुए कहा कि इस संघर्ष को और अधिक न बढ़ाएं. लक्सन ने रेडियो न्यूज़ीलैंड को बताया कि पुलों, जलाशयों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बमबारी सहित इनमें से कोई भी कार्रवाई अस्वीकार्य होगी. ईरान ने सभी युवाओं, एथलीटों, कलाकारों, छात्रों, विश्वविद्यालय के छात्रों और उनके प्रोफेसरों से धमकी भरे हमलों से पहले बिजली संयंत्रों के आसपास मानव शृंखला बनाने का आह्वान करते हुए आगे बढ़ने की बात कही.
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News Source: PTI
