Disha Meeting: मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंत्री के तेवर से हडक़ंप मच गया.
- भोपाल से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
Disha Meeting: मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में उस समय हडक़ंप मच गया, जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने रौद्र रूप में नजर आए. माइनिंग विभाग की समीक्षा के दौरान अवैध खनन के मुद्दे पर मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीखे तेवर अपनाते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर न केवल सवाल खड़े किए, बल्कि अपने पास मौजूद साक्ष्यों से पूरे प्रशासनिक अमले को पसीने ला दिए. जिले में नर्मदा नदी और अन्य क्षेत्रों में बेखौफ चल रहे अवैध खनन और प्रतिबंधित पनडुब्बियों के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए शिवराज सिंह ने सीधे कलेक्टर को मुखातिब किया.

किसी भी गरीब का घर न उजड़े
उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि आपको पता भी है कि सीहोर जिले में किस तरह पनडुब्बियों से मां नर्मदा का सीना चीरा जा रहा है. मैं आज अपने साथ पेनड्राइव लेकर आया हूं. अगर इसे यहां सबके सामने चला दिया तो सब हिल जाओगे. इसमें वो सारी काली सच्चाई कैद है जिसे आप और आपका विभाग छिपाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि वे नर्मदा जी का अस्तित्व किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने देंगे और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होकर रहेगी. प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री का एक अलग और भावुक पहलू भी सामने आया. उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में हिदायत दी कि प्रशासन गरीबों के प्रति अपनी संवेदनशीलता न खोए. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धरती पर गरीबों का भी उतना ही हक है जितना किसी और का. किसी भी गरीब का घर नहीं उजाड़ा जाना चाहिए. यदि किसी गरीब के पास जमीन का पट्टा नहीं है तो उसे अपात्र की श्रेणी में डालकर योजना से वंचित न करें, बल्कि शासन की नीति के तहत उसे पट्टा देने का प्रयास करें.
पेयजल संकट दूर करने का निर्देश
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य हर सिर को छत देना है न कि आशियाने तोड़ना. जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और वितरण केंद्रों पर लग रही पुलिस के साए वाली कतारों पर भी मंत्री ने संज्ञान लिया. उन्होंने जनता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि देशवासी घबराएं नहीं, केंद्र सरकार आपूर्ति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और जल्द ही स्थिति सामान्य होगी. साथ ही आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने पेयजल संकट पर चिंता जताई और अधिकारियों को बीबी रामजी योजना सहित अन्य जल परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा करने और जल संकट से निपटने के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए. बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि वे बंद कमरों में बैठकर योजनाएं न चलाएं. जब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर सामंजस्य नहीं होगा, तब तक योजनाओं की जमीनी हकीकत का पता नहीं चल पाएगा. उन्होंने अधिकारियों को जनता और उनके प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह बनने की हिदायत दी.
ये भी पढ़ेंः 170 दिन बाद जेल से रिहा होंगे सोनम वांगचुक, गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला; हटाया NSA
