Share Market: मिडिल ईस्ट में चल रही टेंशन की वजह से पिछले कई दिनों से शेयर मार्केट का बुरा हाल था. हालांकि, हफ्ते के पहले दिन यानी आज सोमवार को मार्केट में हरियाली दिखी.
16 March, 2026
पिछले कुछ दिनों से शेयर मार्केट में जो सन्नाटा और मायूसी छाई हुई थी, सोमवार की सुबह उसने एक नया मोड़ ले लिया है. अगर आप भी इन्वेस्टर हैं और पिछले कुछ दिनों से लाल निशान देखकर परेशान थे, तो आपके लिए राहत की खबर है. दरअसल, हफ्ते के पहले ट्रेंडिग सेशन में भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर कमबैक के हिंट दिए हैं. इस हरियाली ने गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए इन्वेस्टर्स के चेहरे पर मुस्कान ला दी है.
शानदार रिकवरी
सोमवार सुबह जब बाजार खुला, तो तस्वीर थोड़ी धुंधली थी. शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 179.31 अंक लुढ़ककर 74,384.61 पर आ गया था. वहीं, निफ्टी भी 53.1 अंक नीचे 23,098 पर ट्रेड कर रहा था. लेकिन कहते हैं ना कि बड़े खिलाड़ियों को मौका मिलते ही वो चौका मारते हैं. जैसे ही सेंसेक्स और निफ्टी थोड़े नीचे आए, कई बड़ी कंपनियों के शेयर्स में खरीदारी का दौर शुरू हो गया. थोड़ी ही देर में बाजार ने अपनी चाल बदली और सेंसेक्स करीब 342.02 अंक उछलकर 74,899.76 के लेवल पर पहुंच गया. इसके बाद निफ्टी ने भी अपनी रफ्तार पकड़ी और 88.55 अंकों की बढ़त के साथ 23,240.95 पर कारोबार करने लगा. इस रिकवरी के पीछे सबसे बड़ा हाथ एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे बड़े शेयरों में हुई खरीदारी का रहा.
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फायदा और घाटा
आज के इस उतार-चढ़ाव भरे बाजार में कुछ शेयर्स चमकते नजर आए. सेंसेक्स की टॉप कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, इंडिगो, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी जैसे नाम सबसे ज्यादा मुनाफे में रहे. इन शेयर्स में आई तेजी ने बाजार को सहारा दिया और उसे निचले लेवल से बाहर निकाला. वहीं दूसरी तरफ, कुछ ऐसी भी कंपनियां रहीं जो आज ठंडी पड़ती दिखीं. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, ट्रेंट और टीसीएस जैसे बड़े नाम आज पीछे रहने वालों की लिस्ट में शामिल रहे. इन शेयर्स में प्रोफिट बुकिंग का दबाव देखा गया, जिससे बाजार की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई लेकिन रुकी नहीं.
कच्चे तेल का असर
शेयर मार्केट की इस चाल पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं. एशियाई बाजारों की बात करें तो साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और शंघाई कंपोजिट लाल निशान में ट्रे़ड कर रहे थे. दूसरीत तरफ हांगकांग का हैंगसेंग मजबूती के साथ टिका रहा. अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर सुबह इंडियन शेयर मार्केट पर दिखा. लेकिन सबसे ज्यादा चिंता की वजह कच्चा तेल बना हुआ है. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत बढ़कर 104.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव एनर्जी मार्केट में हलचल कर रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री रास्तों पर दिखाई दे रही चुनौतियों ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, जो आने वाले टाइम में मार्केट के लिए एक चैलेंज बन सकता है.
रुपया का हाल
एक तरफ जहां शेयर बाजार संभल रहा है, वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ है. सोमवार सुबह रुपया 13 पैसे गिरकर 92.43 के लेवल पर पहुंच गया. फॉरेन इन्वेस्टर्स की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाया हुआ है. आंकड़ों की मानें तो पिछले शुक्रवार को FIIs ने इंडियन शेयर बाजार से 10,716.64 करोड़ रुपये निकाल लिए थे. हालांकि, इंडिनय इन्वेस्टर्स ने 9,977.42 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बैलेंस बनाने की कोशिश की.
News Source: PTI
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