Donald Trump China Visit: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इस महीने के आखिर में होने वाले अपने चीन दौरे को टाल सकते हैं, क्योंकि वे होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए बीजिंग पर दबाव डालना चाहते हैं.
16 March, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से होर्मुज स्ट्रेट पर मदद मांगी है. अब वे इसके लिए चीन पर दबाव डालना चाहते हैं. ट्रंप ने कहा है कि वे इस महीने के आखिर में होने वाले अपने चीन दौरे को टाल सकते हैं, क्योंकि वे होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए बीजिंग पर दबाव डालना चाहते हैं. रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में, ट्रंप ने कहा कि खाड़ी के तेल पर चीन की निर्भरता है, इसलिए चीन को हमारी मदद करनी चाहिए, जिसे तेल टैंकर ट्रैफिक को आगे बढ़ाया जा सके. ट्रंप ने कहा कि दौरे से पहले “हम जानना चाहेंगे” कि बीजिंग मदद करेगा या नहीं. ट्रंप ने कहा, ” हम बीजिंग पर दबाव बनाने कि लिए चीन के दौरे में देरी कर सकते हैं.”
पैरिस में मिले अमेरिका और चीन के अधिकारी
चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ आमने-सामने का दौरा रद्द करने या टालने के अपने बड़े इकोनॉमिक नतीजे हो सकते है. पिछले एक साल में वाशिंगटन और बीजिंग के बीच रिश्ते खराब रहे हैं क्योंकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है. ट्रंप की नई बातें तब आईं जब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट सोमवार को पेरिस में चीन के वाइस प्रीमियर ही लिफेंग से ट्रेड बातचीत के नए दौर के लिए मिल रहे हैं. इस मीटिंग का मकसद ट्रंप की बीजिंग यात्रा का रास्ता बनाना है.
दूसरे देशों से मांगी मदद
ईरान संघर्ष के शुरुआती दिनों में, ट्रंप ने कहा था कि U.S. नेवी के जहाज तेल टैंकरों को स्ट्रेट से ले जाएंगे. अमेरिक ईरान से होने वाले खतरे को कम करके आंका था. लेकिन जैसे-जैसे तेल की कीमतें बढ़ीं, उन्हें और उनके प्रशासन को नए विकल्प पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा. इस कड़ी में ट्रंप ने चीन, जापान, साउथ कोरिया और फ्रांस समेत सात दूसरे देशों से अपील की है कि वे अपने वॉरशिप को होर्मुज भेजें और रास्ता खोलने में मदद करें. अभी तक, किसी ने भी देश ने ऑफिशियली इस बात पर अपना समर्थन नहीं दिया है.
चीन पर तेल का असर
ईरान में युद्ध ने तेल की कीमत आसमान छू रही है, जिससे अमेरिकियों को नुकसान हो रहा है. यह ऐसे समय हो रहा है, जब मिडटर्म चुनाव का मौसम शुरू हो गया है. हालांकि, चीन को अपने आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ा है और हाल ही में उसने 2026 के लिए अपने ग्रोथ टारगेट को थोड़ा कम करके 4.5% से 5% के बीच तय कर दिया है, जो 1991 के बाद से उसकी सबसे कम अनुमानित ग्रोथ है. इसका मतलब है कि स्ट्रेट में रुकावटों का बीजिंग पर भी लंबे समय तक असर पड़ सकता है.
News Source: PTI
यह भी पढ़ें- क्या US-चीन के बीच व्यापार को लेकर बनेगी बात? पेरिस में शुरू हुई चर्चा; ट्रंप-शी का होगा रास्ता साफ
