Home Latest News & Updates मिशन 2027 की तैयारी: यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने फिर छेड़ा ‘संविधान खतरे में’ का राग

मिशन 2027 की तैयारी: यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने फिर छेड़ा ‘संविधान खतरे में’ का राग

by Sanjay Kumar Srivastava
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मिशन 2027 की तैयारी: यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने फिर छेड़ा 'संविधान खतरे में' का राग

Akhilesh Yadav: यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिर संविधान खतरे में है, का राग अलापना शुरू कर दिया.

Akhilesh Yadav: यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिर संविधान खतरे में है, का राग अलापना शुरू कर दिया. एसपी मुखिया यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि संविधान खतरे में है और संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है. कहा कि उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाएगी. यादव ने कहा कि पार्टी ने 14 अप्रैल को ग्रामीण स्तर पर बीआर अंबेडकर की जयंती मनाने का फैसला किया है, जहां संविधान के सामने मौजूद संकट पर भी चर्चा की जाएगी. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ‘अमृत काल’ नहीं है, बल्कि संकट का काल है. संविधान को खतरा है और हम इस चर्चा को गांवों तक ले जाएंगे.

लोहिया के बताए रास्ते पर चल रही पार्टी

उन्होंने टिप्पणी की कि हम लोकतंत्र चाहते हैं, वो एक-तंत्र चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसी व्यवस्था लागू करना चाहते हैं जो इसे कमजोर कर दे. कहा कि संविधान हमारा संरक्षक और हमारी नींव है. संस्थानों के माध्यम से इस नींव को हिलाने और कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. अपनी पार्टी की वैचारिक जड़ों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान, समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया द्वारा दिखाए गए रास्ते और “नेताजी” (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) की विरासत का पालन करती है. इसका उद्देश्य समाजवादी व्यवस्था की दिशा में काम करके समाज को विकास की एक नई दिशा प्रदान करना है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर व्यापारियों की तरह काम करने का भी आरोप लगाया.

बूथ स्तर पर काम करेगी एसपी

कहा कि बीजेपी का ध्यान संपत्ति बेचने, मुनाफा कमाने और निजीकरण पर है, जिससे भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी के साथ-साथ महंगाई भी बढ़ रही है. यादव ने कहा कि निवेश के बड़े-बड़े दावों के बावजूद सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तव में कितना निवेश आया है या कितनी नौकरियां पैदा हुई हैं. उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे को भी उठाया. कहा कि शिक्षित युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं. पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के बीच एकता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराने और सरकार बनाने के लिए बूथ स्तर पर काम करेगी. उन्होंने दावा किया कि ऐसे समूहों के सामूहिक प्रयासों के कारण 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा हार गई थी. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि इसी तरह की लामबंदी से पार्टी को वापसी में मदद मिलेगी. सत्ता में आने पर सपा उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाने और विकास को गति देने के लिए काम करेगी.

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News Source: PTI

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