Malda Violence : पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने को लेकर पुलिस का बड़ा एक्शन हुआ है. इस घटना के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे AIMIM नेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
Malda Violence : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हिंसा और तनाव के बाद पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. पश्चिम बंगाल के इस मुख्य साजिशकर्ता और AIMIM नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई है जब इस्लाम बागडोर एयरपोर्ट से भागने की तैयारी कर रहा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, AIMIM नेता के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल गए थे और उसके बाद ही तलाश की जा रही थी. इसके अलाव खुफिया जानकारी से ही पता चला कि वह बागडोर एयरपोर्ट से भागने की तैयारी कर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने प्लानिंग के बाद एयरपोर्ट से दबोच लिया.
मालदा मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच एजेंसी ने इस मामले में शुरुआती जांच शुरू कर दी है और अभी तक करीब 33 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही इस केस को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी बयान सामने आया है और उन्होंने इसे बंगाल को बदनाम करने की साजिश बताई है.
जानें क्या बोले एडीजी?
एडीजी नॉर्थ बंगाल जयरामन ने कहा कि मोफक्करुल इस्लाम को हिरासत में ले लिया गया है. हम इस तरह की गतिविधि की अनुमति नहीं दे सकते हैं. साथ ही हम इस चीज की भी जांच करेंगे कि कहीं ये पहले से प्लान किया गया था या नहीं. इसके अलावा इस मामले में 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. दूसरी तरफ अपनी गिरफ्तारी के बाद इस्लाम ने कहा कि SIR के नाम पर जिन मुस्लिम लोगों के नाम डी-वोटर बना दिया गया है या फिर डिलीट किया गया है और मैं उनकी मदद करने के लिए मालदा पहुंचा हुआ था. साथ ही मैंने यह आंदोलन नहीं किया है.
उन्होंने आगे कहा कि मैंने यह आंदोलन नहीं किया है. मैं सिर्फ कोलकाता से अलीपुरद्वार जा रहा था और मैं उस वक्त इस आंदोलन के बगल से गुजरा था. साथ ही मैंने उसी जगह पर भाषण दिया. उन्होंने यह भी कहा कि मेरे कारण कोई भी जज नहीं रुका था और मैं नेशनल हाईवे से गुजर रहा था और घटना यह मोथाबाड़ी में घटी. मुझे बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया. मैं सिर्फ काम पर जा रहा था और मैं यहां से बागडोगरा एयरपोर्ट में अरेस्ट कर लिया गया.
जानें क्या है पूरा मामला
मालदा के कालिचायक में 7 न्यायिक अधिकारियों को बंदी बना लिया गया था और करीब 8 घंटे तक उपद्रवियों ने पकड़े रखा था. इसके बाद खुद सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बंगाल के डीजीपी से बात की. वहीं, पुलिस ने जाकर बंधक बनाए गए न्यायिक अधिकारियों को छुड़वाया.
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