Home Top News ‘ईरान में मानवीय संकट गहराने…’ नागरिक ठिकानों पर हमले को लेकर चीन ने चेताया, जानें क्या बोला

‘ईरान में मानवीय संकट गहराने…’ नागरिक ठिकानों पर हमले को लेकर चीन ने चेताया, जानें क्या बोला

by Sachin Kumar
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China Warns Against Attacks Iranian Civilian Targets

Middle East Tension : ईरान और US-इजरायल युद्ध की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. साथ ही आरोप है कि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के बीच तेहरान में कई नागरिक ठिकानों पर हमला किया है.

Middle East Tension : अमेरिका-इजरायल की तरफ से संयुक्त हमले के बाद ईरान भी लगातार खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमला करने में नहीं चूक रहा है. ईरान की तरफ से एक बार फिर शुक्रवार को अबू धाबी के अजबान इलाके में किया गया था. हालांकि, इसी बीच ईरान की मिसाइलों को UAE की एयर डिफेंस ने इंटरसेप्ट किया. साथ ही इजरायल और अमेरिका ने भी तेहरान पर जमकर हमले किए हैं और कई नागरिकों ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. ऐसे में खतरा बढ़ गया है कि मानवीय संकट खड़ा हो सकता है. इसी बीच चीन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. बीजिंग ने ईरान में अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है.

कूटनीति से ही सुलझेगा मामला : चीन

चीन ने नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों का कड़ा विरोध किया है और चेतावनी दी है कि सैन्य कार्रवाई बढ़ने से मानवीय संकट गहरा सकता है. बीजिंग ने सभी पक्षों से आग्रह किया है कि तत्काल युद्धविराम होना चाहिए और कूटनीतिक स्तर पर मुद्दे को सुलझाया जाना चाहिए. चीन ने इस बात पर भी जोर दिया कि सैन्य समाधानों से संघर्ष का हल नहीं निकल सकता है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच स्थिरता का एकमात्र मार्ग कूटनीति ही है.

हमले में टूटा ईरान का सबसे बड़ा ब्रिज

अमेरिका और इजरायल ने अपने बम और मिसाइल हमले से ईरान का अल्बोर्ज प्रांत के करज शहर में स्थित B1 ब्रिज को उड़ा दिया. इसे मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा पुल कहा जाता है. इसकी ऊंचाई करीब 136 और लंबाई 1,050 मीटर है. साथ ही यह 8 सेक्शन में विभाजित है, जिसमें सबसे लंबा सेक्शन 176 मीटर का है. बताया जा रहा है कि इसको बनाने में 3700 करोड़ का खर्च आया था और इस पुल को एक झटके में उड़ा दिया गया.

क्या ईरान में बिगड़ रहे हालात?

जंग के बीच इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने बताया कि ईरान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. खासकर मेडिकल जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं और अगर ये युद्ध जारी रहता है तो दूसरे साजो-सामानों का अकाल पड़ सकता है. इसके अलावा 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद अभी तक 2 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और 26 हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं.

यह भी पढ़ें- ट्रंप की वॉर्निंग और जलता हुआ Middle East, क्या तेल के कुओं पर कब्ज़े की तैयारी में है दुनिया?

News Source: PTI

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