Home Latest News & Updates जनरल पेट्रियस का दावा- बढ़ सकती है युद्ध विराम की अवधि, क्या 22 अप्रैल के बाद थमेगी US-Iran के बीच जंग?

जनरल पेट्रियस का दावा- बढ़ सकती है युद्ध विराम की अवधि, क्या 22 अप्रैल के बाद थमेगी US-Iran के बीच जंग?

by Sanjay Kumar Srivastava
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जनरल पेट्रियस का दावा- बढ़ सकती है युद्ध विराम की अवधि

US-Iran Ceasefire: सीआईए के पूर्व निदेशक और अमेरिकी मध्य कमान के पूर्व प्रमुख डेविड एच पेट्रियस ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम के विस्तार की संभावना जताई है.

US-Iran Ceasefire: सीआईए के पूर्व निदेशक और अमेरिकी मध्य कमान के पूर्व प्रमुख डेविड एच पेट्रियस ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम के विस्तार की संभावना जताई है. बुधवार (22 अप्रैल) को समाप्त हो रहे इस युद्ध विराम के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि इसे आगे बढ़ाया जाएगा, क्योंकि दोनों पक्ष सात सप्ताह से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत जारी रखना चाहते हैं. पेट्रियस के अनुसार, वार्ताकार इस्लामाबाद में दूसरे दौर की संभावित वार्ता के लिए तैयार हैं. यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मंगलवार को इस्लामाबाद यात्रा का जिक्र है, जहां वे शांति वार्ता को अंतिम रूप दे सकते हैं.

इस्लामाबाद पर टिकीं निगाहें

पेट्रियस ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि वाशिंगटन और तेहरान दोनों ही फिलहाल युद्ध को और बढ़ाना नहीं चाहते हैं. हालांकि, बातचीत में शामिल होने को लेकर अभी भी कुछ अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन कूटनीतिक प्रयास तेज हैं. क्षेत्रीय स्थिरता की दृष्टि से यह घटनाक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यदि यह युद्ध विराम आगे बढ़ता है, तो इससे मानवीय सहायता और कूटनीतिक समाधान के नए मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है. आने वाले कुछ दिन वैश्विक राजनीति और मध्य पूर्व की शांति व्यवस्था के लिए निर्णायक सिद्ध हो सकते हैं. सभी की निगाहें अब इस्लामाबाद में होने वाली गतिविधियों और दोनों देशों के आधिकारिक बयानों पर टिकी हैं.

वार्ता को लेकर ईरान पर संशय

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बकैई ने कहा कि उनके देश ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि अमेरिका के साथ वार्ता के अगले दौर में शामिल होना है या नहीं. पेट्रियस ने चेतावनी दी कि जमीन पर स्थिति अस्थिर बनी हुई है, अमेरिका और ईरान दोनों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रतिद्वंद्वी नाकेबंदी लागू कर रहे हैं, समुद्री यातायात को प्रभावी ढंग से रोक रहे हैं. पूर्व सीआईए निदेशक ने कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान का लक्ष्य अन्य उद्देश्यों के अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ को तोड़ना और जलमार्ग के माध्यम से अप्रतिबंधित अंतर्राष्ट्रीय पारगमन सुनिश्चित करना है.

यूरेनियम संवर्धन पर ईरान का रुख कड़ा

हालांकि, ईरान ने अब तक अपने यूरेनियम संवर्धन को रोकने का विरोध किया है. सैन्य मोर्चे पर पेट्रियस ने इजरायली बलों के साथ चलाए गए अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान को ईरान की वायु रक्षा, मिसाइल प्रणालियों और सैन्य बुनियादी ढांचे को कमजोर करने में प्रभावशाली बताया. पेट्रियस ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में विफलता ईरान को रणनीतिक रूप से कुछ हद तक मजबूत कर सकती है, भले ही वह सैन्य रूप से कमजोर हो.

ये भी पढ़ेंः ‘युद्ध के लिए इजरायल ने नहीं मनाया…’ ट्रंप ने विरोधियों को दिया जवाब; कहा- वेनेजुएला की तरह आएंगे नतीजे

News Source: PTI

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