Traders Protest: दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन के चलते कारोबार पर काफी असर पड़ा है. व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है. कई दिनों तक कनॉट प्लेस के राजनीतिक अखाड़ा बने रहने से व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ. इस संबंध में व्यापारियों के प्रमुख संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर CEC के खिलाफ हालिया विरोध प्रदर्शनों की वजह से लोगों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों पर गंभीर चिंता जताई है. पत्रों में व्यापारिक संगठनों और इंडस्ट्री बॉडीज़ ने कहा कि हालांकि वे हर संगठन के अधिकारों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विरोध प्रदर्शन का समय और तरीका कारोबार पर असर न डाले, खासकर त्योहारों के मौसम में.
कामर्शियल इलाकों में कड़ी हो सुरक्षा
इन संगठनों ने बाजारों, कामर्शियल प्रतिष्ठानों, औद्योगिक क्षेत्रों और मुख्य ट्रांसपोर्ट रूटों को नाकेबंदी और जबरन बंद किए जाने से बचाने के लिए कड़े कानूनी और प्रशासनिक उपायों की मांग की. पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं. राजधानी एक किले में बदल गई थी, जहां भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी, साथ ही 45 मेट्रो स्टेशन और कई सड़कें बंद कर दी गई थीं. सोमवार को भी सेंट्रल दिल्ली में भारी बैरिकेडिंग और सड़कें बंद रहीं, क्योंकि विपक्षी नेताओं ने वोटर लिस्ट के SIR में गड़बड़ियों के खिलाफ संयुक्त याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया. बुधवार को पीएम मोदी को लिखे पत्र में नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने व्यापारियों की कारोबार करने की आज़ादी की रक्षा और कामर्शियल इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानून मांग की.
बाजार बंद होने से आजिविका पर असर
एसोसिएशन ने कहा कि व्यापारी रोज़गार पैदा करने और आर्थिक विकास में योगदान देने में अहम भूमिका निभाते हैं. बाजारों व कमर्शियल गतिविधियों में रुकावट से उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ता है. उन्होंने ऐसे कदम उठाने की भी मांग की जिससे व्यापारी बिना किसी डर या अनिश्चितता के अपना काम कर सकें, खासकर त्योहारों के मौसम में. गांधी को लिखे एक पत्र में, फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया (FTII) ने विपक्ष के नेता से SIR को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को वापस लेने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन बिज़नेस के लिए अहम समय में व्यापारियों के बीच अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं.
आंदोलन से बाजारों और बिजनेस पर पड़ा असर
पत्र में कहा गया है कि नवरात्रि से छठ पूजा तक का समय देश भर के बिज़नेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि त्योहारों के मौसम में करोड़ों व्यापारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका बिज़नेस से जुड़ी होती है. FTII के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय बंसल ने पत्र में कहा कि इस तरह के विरोध-प्रदर्शन देश में अस्थिरता और आशंका का माहौल बना रहे हैं, जिससे बाज़ारों और बिज़नेस गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है. भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी सोमवार को गांधी को पत्र लिखा और कहा कि लगातार हो रही राजनीतिक रैलियों से छोटी औद्योगिक इकाइयों, रिटेल कर्मचारियों और दिहाड़ी मज़दूरों को परेशानी हो रही है. सोमवार को गांधी को भेजे गए एक अन्य पत्र में जयपुर व्यापार महासंघ ने उन पर राजनीतिक फ़ायदे के लिए व्यापारियों के हितों को ख़तरे में डालने का आरोप लगाया.
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News Source: ANI
