Home Top News मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा? 126 सुनवाई और 12 गवाहों के बाद बड़ा फैसला

मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा? 126 सुनवाई और 12 गवाहों के बाद बड़ा फैसला

by Preeti Pal 14 October 2026, 4:37 PM IST (Updated 14 October 2026, 4:39 PM IST)
14 October 2026, 4:37 PM IST (Updated 14 October 2026, 4:39 PM IST)
मुस्कान और साहिल को फांसी की सज़ा? कोर्ट में हुई तीखी बहस, आज नीले ड्रम केस में लिया गया बड़ा फैसला

Meerut Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में अब सबसे बड़ा फैसला लिया जा चुका है. पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुना दी गई है. बुधवार, 14 अक्टूबर को मेरठ की अदालत में दोनों दोषियों की सजा को लेकर अहम बहस हुई. अभियोजन पक्ष ने इस हत्याकांड को बेहद गंभीर अपराध बताते हुए फांसी की मांग की थी.

मुस्कान और साहिल को होगी फांसी

अदालत में अभियोजन पक्ष ने कहा कि सौरभ राजपूत की हत्या अचानक गुस्से में नहीं की गई थी, बल्कि इसके पीछे पहले से रची गई साजिश थी. सरकारी वकील ने दलील दी कि हत्या के बाद भी दोनों दोषी सामान्य तरीके से घूमते रहे. अभियोजन ने इस मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध बताते हुए मौत की सजा देने की मांग की. अपनी दलीलों के समर्थन में अभियोजन पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के तीन फैसलों का भी हवाला दिया. दूसरी तरफ बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने और न्यूनतम सजा सुनाने की अपील की. आखिरकार अदालत ने दोनों दोषियों यानी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ल को फांसी की सज़ा सुना दी.

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क्या था ब्लू ड्रम हत्याकांड?

ये मामला मार्च 2025 का है. मेरठ में रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या ने पूरे देश को हैरान कर दिया था. अभियोजन के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने अपने पति सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिलाया था. इसके बाद साहिल को घर बुलाया गया और दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी. हत्या के बाद शव के टुकड़ों को नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया और सीमेंट से सील कर दिया गया. पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे.

126 सुनवाई और 22 गवाह

इस मामले में करीब 13 महीने तक मुकदमा चला. अदालत में 126 सुनवाई हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए. 30 सितंबर 2026 को मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया था. इसके बाद अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की थी. सौरभ राजपूत के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की थी. परिवार का कहना है कि इस अपराध ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी. 14 अक्टूबर को सजा पर हुई बहस के बाद अदालत ने मुस्कान और साहिल को फांसी देने का फैसला किया है.

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