Gujarat News: पावन नवरात्रि के सातवें दिन शनिवार को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में मानवता और सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है. अस्पताल में महज 9 घंटे के भीतर दो ब्रेनडेड मरीजों के परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया. दोनों अंगदान के माध्यम से कुल 8 अंगों और ऊतकों का दान प्राप्त हुआ है. इसके साथ ही अहमदाबाद सिविल अस्पताल में अब तक अंगदाताओं की संख्या 258 हो गई है. गुजरात सरकार की स्वास्थ्य नीति, अहमदाबाद सिविल अस्पताल की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और चिकित्सकीय टीम के संवेदनशील प्रयासों से अंगदान के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है.
जरूरतमंद लोगों को मिलेगा नया जीवन
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक यहां 258 अंगदाताओं के माध्यम से कुल 1116 अंगों और ऊतकों का दान प्राप्त किया जा चुका है. इससे 1000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिलने में मदद मिली है. अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 257वां अंगदान 53 वर्षीय पुरुष का हुआ. अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन इस मरीज को 16 अक्टूबर की शाम चिकित्सकों ने ब्रेनडेड घोषित किया था. इस कठिन परिस्थिति में अस्पताल की अंगदान टीम के डॉ. मोहित चंपावत ने परिजनों को अंगदान के महत्व और इससे दूसरे मरीजों को मिलने वाले जीवनदान के बारे में समझाया. परिजनों ने दुख की घड़ी में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अंगदान के लिए सहमति दी.
परिजनों का साहसिक फैसला
परिवार ने गुप्तदान के रूप में अंगदान करने का निर्णय लिया. इस अंगदान से दो किडनी, एक लिवर, एक हृदय और त्वचा प्राप्त हुई. परिवार के इस निर्णय से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है. अपने प्रियजन को खोने के असहनीय दुख के बीच अंगदान का फैसला लेना मानवता और परोपकार की भावना का उदाहरण है. अहमदाबाद में 258वां अंगदान 45 वर्षीय श्रीराम कोरी का हुआ. श्रीराम कोरी एल्युमीनियम और कांच की फिटिंग का काम करते थे. ओढव रिंग रोड पर दास्तान सर्कल के पास हुए सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उपचार के दौरान 17 अक्टूबर की सुबह 12:15 बजे उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया गया. इसके बाद चिकित्सकीय टीम के डॉ. भावेश प्रजापति ने परिजनों की काउंसलिंग की और उन्हें अंगदान के महत्व के बारे में जानकारी दी.
पत्नी ने दी अंगदान की सहमति
कठिन समय में उनकी पत्नी कलावतीबेन ने भारी मन से पति के अंगदान के लिए सहमति दी. इस अंगदान से एक लिवर और दो किडनी प्राप्त हुईं. परिजनों के इस निर्णय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की संभावना बनी है. दोनों अंगदान से प्राप्त अंगों का जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है. दोनों अंगदान से प्राप्त कुल दो लिवर और चार किडनी प्रत्यारोपण के लिए सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित किडनी अस्पताल भेजे गए हैं.वहीं, दान में प्राप्त हृदय को मेडिसिटी परिसर स्थित यूएन मेहता अस्पताल में हृदय प्रत्यारोपण के लिए उपयोग में लिया जाएगा.
अब तक कुल 258 लोगों ने किया अंगदान
इसके अलावा दान में मिली त्वचा को सिविल अस्पताल की रोटरी स्किन बैंक ने स्वीकार किया है. इस त्वचा का उपयोग जलने से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों के उपचार में किया जा सकेगा.अंगदान की इस प्रक्रिया से स्पष्ट होता है कि एक व्यक्ति के अंगदान का निर्णय कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है. अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने अंगदान से जुड़े आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में अब तक कुल 258 अंगदाताओं के माध्यम से 856 अंगों का दान प्राप्त हुआ है. इसके अतिरिक्त 208 आंखों और 52 त्वचा दान के मामलों सहित कुल 260 ऊतकों का दान प्राप्त हुआ है. अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि अंगदान मृत्यु के बाद भी मानवता को जीवित रखने का एक पवित्र संकल्प है. ब्रेनडेड व्यक्ति के अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन और नई आशा मिल सकती है.
Cancer की दवाएं होंगी 70% तक सस्ती! हर साल 2,500 करोड़ की बचत, सरकार का बड़ा फैसला
