Home Top News ‘तीसरी दुनिया के लोगों को यहां लाया गया…’ फ्रांस में आगजनी पर बोले जेडी वांस; कही ये बात

‘तीसरी दुनिया के लोगों को यहां लाया गया…’ फ्रांस में आगजनी पर बोले जेडी वांस; कही ये बात

by Sachin Kumar 18 October 2026, 3:03 PM IST
18 October 2026, 3:03 PM IST
JD Vance speaks on arson France

France Violence: फ्रांस में जारी हिंसक आंदोलन ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. राजधानी पेरिस समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर मैक्रों सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मांगों और विरोध के तरीकों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इसी बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. जेडी वेंस ने आरोप लगाया कि पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर तीसरी दुनिया के लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में आने दिया, लेकिन आत्मसातीकरण और अनुकूलन जैसे बुनियादी सवालों को नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने कहा कि इस नीति के संभावित परिणामों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया गया.

फ्रांस अद्भुत लोगों का एक खूबसूरत देश

जेडी वेंस ने यह भी कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि फ्रांस, अद्भुत लोगों का एक खूबसूरत देश, अपने कई स्मारकों को जलाने से पहले इस पागलपन को रोक देगा. मुझे आशा है कि अमेरिकी ध्यान दे रहे हैं और यह भविष्य का कांग्रेसी डेमोक्रेट आपके देश के लिए चाहता है.

क्या फ्रांस कर पाएगा हिंसा पर काबू

वेंस ने फ्रांस से हिंसा पर काबू पाने का आग्रह किया और उन्हें उम्मीद है कि आग से अधिक लैंडमार्क को नुकसान पहुंचने से पहले देश कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि फ्रांस एक अद्भुत देश है और जो आग लगाई जा रही है उस पर सरकार जल्द रोक लगा देगी. आग की लपटों में घिरी सिटी का हॉल का फुटेज शेयर करते हुए वेंस ने फ्रांस की अशांति को अमेरिका से जोड़ दिया और अमेरिकियों को चेतावनी दी कि आप इसी तरह का भविष्य क्या अमेरिका के लिए भी चाहते हैं?

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

गौरतलब हो कि फ्रांस में बढ़ती महंगाई को लेकर देश के आम नागरिक सड़कों पर आ गए हैं और सरकार का कड़ा विरोध कर रहे हैं. पेरिस में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. साथ ही कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच में सीधी झड़प भी देखी गई. दूसरी ओर, लियोन में देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान टूरिस्ट ऑफिस की बिल्डिंग और गाड़ी में आग लगा दी गई. यह आंदोलन केवल बढ़ती वस्तुएं की बढ़ती कीमतों तक सीमित नहीं हैं बल्कि असमानता, सरकारी खर्चों में कटौती और चरमराती शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जाहिर हो रही है.

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