Marco Rubio India Visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार से भारत की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे. इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना और पश्चिम एशिया संकट पर विचारों का आदान-प्रदान करना है. इस साल रुबियो की यह दूसरी भारत यात्रा है. मई में अपनी पिछली यात्रा के दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी. साथ ही ‘क्वाड’ (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था.
मुंबई में होगी बैठक
अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आ सकता है. 20 से 22 अक्टूबर तक चलने वाली उनकी इस यात्रा का मुख्य फोकस भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर रहेगा. मंगलवार दोपहर मुंबई में होने वाली बैठक में, जयशंकर और रुबियो ‘भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ (India-US Comprehensive Global Strategic Partnership) को और अधिक मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले सप्ताह कहा था, “मीटिंग के दौरान ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा आपसी हित के अन्य क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.” दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी बातचीत होने की संभावना है. जायसवाल ने कहा, “यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय जुड़ाव को बनाए रखने और हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी.”
रूबियो का आज का शेड्यूल
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, रुबियो दोपहर 2:15 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे. जयशंकर के साथ मुलाकात के अलावा, मुंबई में रुबियो 26/11 के आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ‘ताज मेमोरियल’ पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. इस हमले में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे. रुबियो अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.
डील से मीलेगी ट्रैरिफ में छूट
बुधवार को रुबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे. अपनी यात्रा से पहले, उज्बेकिस्तान में रुबियो ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के “बहुत करीब” है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा टैरिफ में छूट देने का फैसला, इसी बात से जुड़ा था. पिछले हफ्ते, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और रूसी तेल के पांच सबसे बड़े खरीदारों (जिनमें भारत भी शामिल है) के खिलाफ लगे कुछ प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया.
भारत और अमेरिका टैरिफ से जुड़े विवादों को सुलझाने और दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए 2025 की शुरुआत से ही एक प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसके सामानों पर, उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर टैरिफ दरें लागू हों. कुछ दिन पहले जयशंकर ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच चल रही व्यापार वार्ता अब एक “निर्णायक मोड़” (landing point) पर पहुंच रही है.
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News Source: ANI
