Home Top News सत्ता परिवर्तन से लेकर OTT कंटेंट तक, विजयादशमी पर मोहन भागवत ने दिया ये संदेश

सत्ता परिवर्तन से लेकर OTT कंटेंट तक, विजयादशमी पर मोहन भागवत ने दिया ये संदेश

by Neha Singh 20 October 2026, 11:16 AM IST
20 October 2026, 11:16 AM IST
Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विजयादशमी उत्सव में ‘शस्त्र पूजा’ की. हर साल आरएसएस विजयादशमी के अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन करता है. इस मौके पर मोहन भागवत ने सभा को संबोधित किया. उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए कहा कि, देश की आजादी के समय जितनी कुर्बानी और समर्पण की जरूरत थी, उससे भी कहीं ज्यादा कुर्बानी और समर्पण की आवश्यकता अब होगी. उन्होंने युवाओं से लेकर सत्ता परिवर्तन तक के मुद्दों पर अपने विचार रखे.

‘सत्ता परिवर्तन से हालात नहीं बदलेंगे’

लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शनों पर आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इनका मकसद समस्याओं को सुलझाना होना चाहिए, न कि सामाजिक दूरियों या विभाजनों को और गहरा करना. उन्होंने कहा, “समस्याएं बनी रहेंगी और लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन होना स्वाभाविक है. लेकिन विरोध-प्रदर्शन का उद्देश्य क्या होना चाहिए? इसका मकसद समाधान खोजना होना चाहिए.” उन्होंने चेतावनी दी कि जब विरोध-प्रदर्शन जनहित के बजाय अन्य उद्देश्यों से प्रेरित होते हैं, तो वे राजनीतिक हथियार बन सकते हैं. इससे किसी व्यक्ति, समूह या विचारधारा के प्रति नफरत और दुश्मनी पैदा हो सकती है.

उन्होंने कहा, “पश्चिम से एक ऐसा तूफान उठा है जो हर तरह की शालीनता, व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का विरोध करता है और उन्हें नष्ट करना चाहता है. फ्रांस में जो हो रहा है, अल्बानिया में जो चल रहा है और नेपाल तथा बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, उसे देखिए. उनका दावा है कि ‘सत्ता परिवर्तन’ से हालात बदल जाएंगे; लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है. न तो पहले ऐसा हुआ था और न ही आज ऐसा होगा.”

“OTT प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाए जाएं”

नई पीढ़ी के बारे में बोलते हुए भागवत ने कहा कि “नई पीढ़ी बिना यह सोचे-समझे कि क्या सही है और क्या गलत, अलग-अलग स्रोतों से जानकारी ग्रहण कर लेती है. इसके बुरे नतीजों को देखते हुए, कई देशों ने कुछ नियम और पाबंदियां लागू की हैं. हमारे देश में भी, समाज के भीतर OTT प्लेटफॉर्म को लेकर ऐसी ही जरूरत महसूस की जा रही है. सरकार और प्रशासन को इस पर विचार करना चाहिए.” उन्होंने कहा सही-गलत की इस समझ की कमी से व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कई तरह के बुरे परिणाम सामने आते हैं. इसी समझ की कमी के कारण नशीले पदार्थों के सेवन (ड्रग एब्यूज) की समस्या पैदा हुई है. नशीले पदार्थ जानलेवा होते हैं, फिर भी लोग इनके आदी हो जाते हैं और अब यह एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन गई है. सरकार सहित हम सभी को बहुत देर होने से पहले, इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए.

दशहरा के दिन हुई थी संघ की स्थापना

भागवत ने कहा कि एक मजबूत भारत ऐसी ताकतों पर लगाम लगाएगा, जिसकी वजह से भारत को कमजोर करने और बांटने की कोशिशों का निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि कुछ वैश्विक ताकतें चाहती हैं कि भारत विकास करे, लेकिन वे यह नहीं चाहतीं कि भारत बहुत ज्यादा शक्तिशाली बने, क्योंकि इससे उनके वर्चस्व को चुनौती मिल सकती है. गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 में दशहरा के दिन नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी. दशहरा के अवसर पर, RSS पूरे देश में पंथ संचालन का आयोजन करता है.

‘मुस्लिम-बहुसंख्यक बन जाएगा पेरिस’, फ्रांस के दंगों पर ट्रंप का बड़ा बयान, यूरोप की दी चेतावनी

News Source: ANI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?