Iran violence: ईरान में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. हजारों प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने से वहां के हालात और खराब हो गए हैं.
Iran violence: ईरान में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. हजारों प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने से वहां के हालात और खराब हो गए हैं. 28 दिसंबर को शुरू होने के बाद से प्रदर्शनों में लगातार तेजी आई है. अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 42 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. ईरान में सभी संचार व्यवस्था ठप कर दी गई है. इंटरनेट सेवा बंद होने के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर दिखाई दिए. ईरान के निर्वासित युवराज द्वारा प्रदर्शनों के आह्वान के बाद शुक्रवार की सुबह तक ईरानी प्रदर्शनकारी सड़कों पर नारे लगाते और मार्च करते रहे. जबकि ईरान की धार्मिक सरकार ने देश को इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल से पूरी तरह से अलग कर दिया था. ईरानी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को प्रदर्शनों पर अपनी चुप्पी तोड़ी और आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़राइल के ‘आतंकवादी एजेंटों’ ने आग लगाई और हिंसा भड़काई. यह ईरान की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर शुरू हुए और कई वर्षों में सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके विरोध प्रदर्शनों में
एक है.
अब तक मारे गए 42 लोग
अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के अनुसार, अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 42 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. पहलवी, जिन्होंने गुरुवार रात को विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया था, ने शुक्रवार रात 8 बजे भी प्रदर्शनों का आह्वान किया है. वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी की वरिष्ठ फेलो होली डैग्रेस ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों का रुख पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के गुरुवार और शुक्रवार को रात 8 बजे ईरानियों से सड़कों पर उतरने के आह्वान से बदल गया. सोशल मीडिया पोस्ट से यह स्पष्ट हो गया कि ईरानियों ने इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने के लिए विरोध प्रदर्शन करने के आह्वान को गंभीरता से लिया था. यही कारण था कि इंटरनेट बंद किया गया था ताकि दुनिया को विरोध प्रदर्शन देखने से रोका जा सके. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार रात तेहरान के मोहल्ले-मोहल्लों में नारे गूंजने लगे. नारों में ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ और ‘इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद’ जैसे नारे शामिल थे. कुछ लोगों ने शाह की प्रशंसा करते हुए नारे लगाए: ‘यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस लौटेंगे!’
लगाए सरकार विरोधी नारे
ईरानियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए. पहलवी ने कहा कि इसके जवाब में ईरान की सरकार ने सभी संचार माध्यम काट दिए हैं. उन्होंने इंटरनेट बंद कर दिया है. सरकार ने लैंडलाइन फोन काट दिए हैं. पहलवी ने कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वे ईरानी जनता से संचार बहाल करने के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी, वित्तीय और राजनयिक संसाधनों का उपयोग करें ताकि उनकी आवाज और उनकी इच्छा सुनी और देखी जा सके. इंटरनेट बंद होने से ईरान की सरकारी और अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियां भी ऑफलाइन हो गई हैं. शुक्रवार सुबह 8 बजे राज्य टीवी द्वारा प्रदर्शनों के बारे में पहली आधिकारिक जानकारी दी गई थी. राज्य टीवी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों में हिंसा हुई जिसमें कई लोग हताहत हुए, लेकिन उसने इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया. उसने यह भी कहा कि प्रदर्शनों में निजी कारों, मोटरसाइकिलों, मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थानों, दमकल गाड़ियों और बसों में आग लगा दी गई.
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