Home शिक्षा IIM नागपुर vs स्टूडेंट्स: 40 बच्चों को एग्जाम में नहीं मिली एंट्री तो 300 ने किया बॉयकॉट, जानें पूरा मामला

IIM नागपुर vs स्टूडेंट्स: 40 बच्चों को एग्जाम में नहीं मिली एंट्री तो 300 ने किया बॉयकॉट, जानें पूरा मामला

by Neha Singh
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IIM Nagpur Exam Boycott

IIM Nagpur Exam Boycott: IIM नागपुर के करीब 300 फर्स्ट-ईयर MBA स्टूडेंट्स ने अपने मिड-टर्म एग्जाम का बॉयकॉट कर दिया है। यहां जानें पूरा मामला क्या है।

25 February, 2026

देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक IIM नागपुर में हंगामा हो गया है। IIM नागपुर के करीब 300 फर्स्ट-ईयर MBA स्टूडेंट्स ने अपना मिड-टर्म एग्जाम का बॉयकॉट कर दिया है। यह बॉयकॉट उन 40 स्टूडेंट्स के साथ एकजुटता दिखाते हुए किया गया है, जिन्हें इंस्टिट्यूट ने एग्जाम देने से रोक दिया था. वे 40 छात्र इंस्टीट्यूट के नियमों को तोड़कर फेयरवेल पार्टी में शामिल हो गए थे, जिसके बाद इंस्टिट्यूट ने सजा के तौर पर उन्हें फर्स्ट-ईयर एग्जाम में एंट्री नहीं दी। इसके बाद 300 छात्रों ने भी अपना एग्जाम बॉयकॉट कर दिया।

देर से लौटने पर हुआ एक्शन

अधिकारी के मुताबिक, फर्स्ट और सेकंड-ईयर बैच के करीब 75 स्टूडेंट्स 21 फरवरी की रात को बिना इजाज़त के सीनियर्स के लिए रखी गई फेयरवेल पार्टी में चले गए थे और अगली सुबह बी-स्कूल कैंपस में अपने हॉस्टल लौटे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) नागपुर के अधिकारी ने कहा कि इन स्टूडेंट्स को रात 10 बजे तक लौट जाना चाहिए था, लेकिन वे देर से आए। उन्होंने अपने पेरेंट्स को भी देर से आने के बारे में नहीं बताया। उन्होंने कहा कि चूंकि उन्होंने नियमों को तोड़ा, इसलिए इंस्टीट्यूट ने बाहर गए 40 फर्स्ट-ईयर स्टूडेंट्स के खिलाफ एक्शन लिया और उन्हें मंगलवार को होने वाले मिड-टर्म एग्जाम से रोक दिया।

स्टूडेंट्स का आरोप

स्टूडेंट्स का आरोप है कि उनके कुछ साथियों को MBA प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया गया और उनके पदों से हटा दिया गया। उन्होंने ने सोशल मीडिया पर भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि प्रोफेशनल कोर्स में स्टूडेंट्स के साथ ऐसा बर्ताव गलत है। उनका तर्क है कि मिडटर्म एग्जाम ओवरऑल इवैल्यूएशन का एक जरूरी हिस्सा हैं, जिससे उनके एकेडमिक परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है।

सेकंड-ईयर स्टूडेंट्स ने दिया एग्जाम

अधिकारी ने कहा कि करीब 300 फर्स्ट-ईयर स्टूडेंट्स, जिनमें 40 डिबार किए गए स्टूडेंट्स भी शामिल थे, ने इस कार्रवाई के खिलाफ इंस्टीट्यूट में ‘साइलेंट प्रोटेस्ट’ किया और एग्जाम नहीं दिया। कुछ सेकंड-ईयर स्टूडेंट्स जो फेयरवेल पार्टी में गए थे, उन्होंने भी प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया, उन्हें डर था कि उन्हें भी बुधवार को एग्जाम नहीं देने दिया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, जब यह विवाद सामने आया तो, इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शहर से बाहर थे। हालांकि इंस्टीट्यूट ने आश्वासन दिया है कि अब यह मामला सुलझ गया है और सेकंड-ईयर MBA स्टूडेंट्स ने बुधवार को अपना एंड-टर्म एग्जाम दिया। उन्होंने कहा कि जिन 300 फर्स्ट-ईयर स्टूडेंट्स ने एग्जाम का बायकॉट किया था, उन्हें बाद में एग्जाम देने का मौका मिलेगा।

News Source: PTI

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