ISIS Terrorist Chargesheet: NIA ने एक डॉक्टर समेत तीन लोगों खिलाफ ISIS के आतंकी होने कपर चार्जशीट दायर की है. उनका प्लान बायोलॉजिकल टॉक्सिन के इस्तेमाल से दहशत फैलाना था.
6 May, 2026
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक डॉक्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है. इन लोगों पर आरोप है कि वे ISIS से जुड़ी एक साजिश में शामिल थे. इस साजिश में बायोलॉजिकल टॉक्सिन का इस्तेमाल करके पब्लिक जगहों पर बड़े पैमाने पर जहर फैलाने की बात कही गई थी. एक ऑफिशियल बयान में यह बात कही गई है. मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है कि आरोपियों- हैदराबाद के रहने वाले डॉ. सैयद अहमद मोहिउद्दीन और सह-आरोपी आजाद और उत्तर प्रदेश के मोहम्मद सुहेल के खिलाफ गुजरात के अहमदाबाद में एक स्पेशल NIA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है.
जहर फैलाने की थी साजिश
NIA के बयान में कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट से जुड़े अपने-अपने विदेश में मौजूद हैंडलर्स के गाइडेंस में काम करते हुए, आरोपियों ने जिहाद को सपोर्ट करने और बैन हथियारों और बायोटेररिज्म के जरिए आतंक फैलाने के लिए रेडिकलाइज किए गए कमजोर युवाओं को रिक्रूट जकिया था. इसमें कहा गया है कि उन्होंने “ISIS के खतरनाक एजेंडे” को पूरा करने के लिए रिसिन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी, जो अरंडी के बीजों से निकलने वाला एक बहुत ज़हरीला पदार्थ है और केमिकल वेपन्स कन्वेंशन के शेड्यूल I में आता है.
हथियार ले जाते हुए पकड़ा गया था डॉक्टर
यह केस असल में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने तब दर्ज किया था जब नवंबर 2025 में चीन के MBBS डॉक्टर मोहिउद्दीन को एक टोल प्लाजा पर अपनी कार में गैर-कानूनी हथियार, चार लीटर कैस्टर ऑयल वाली एक बोतल और दूसरी आपत्तिजनक चीजें ले जाते हुए पकड़ा गया था. ATS की जांच में उसी दिन बाकी दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था. जांच एजेंसी ने कहा कि आज़ाद और सुहेल ने पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ में एक डेड-ड्रॉप साइट से पैसे और गैर-कानूनी हथियारों के पैकेट उठाए थे और उन्हें गुजरात के छत्रल में एक जगह पर मोइनुद्दीन के लिए छोड़ दिया था.
ऐसे काम कर रहे थे तीनों आतंकी
जनवरी 2026 में जांच अपने हाथ में लेने के बाद, NIA को पता चला कि मोइनुद्दीन को उसके हैंडलर ने दक्षिण एशिया में ISIS “अमीर” का पद देने का वादा किया था. बयान में कहा गया है कि उसने कथित तौर पर अपने हैदराबाद वाले घर को राइसिन बनाने के लिए एक गुप्त लैब में बदल दिया था. एजेंसी ने आगे कहा कि आजाद और सुहेल ने जानबूझकर साजिश में हिस्सा लिया था. उनके कामों में हैंडलर से बातचीत करना, आतंक का पैसा लेना और उसका इस्तेमाल करना, जासूसी करना और गैर-कानूनी हथियार और गोला-बारूद संभालना शामिल था. सुहेल ने भर्ती, तालमेल और फंड और हथियारों की खेप को संभालने के लिए हैंडलर और दूसरे सह-आरोपियों के बीच एक अहम कड़ी के तौर पर काम किया. उसने जासूसी भी की, बयाह (वफ़ादारी की शपथ) वीडियो रिकॉर्ड किए और ISIS के झंडे तैयार किए.
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News Source: PTI
