Home Latest News & Updates गुजरात में गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर विवाद, बजरंग दल का 200 से ज्यादा ग्राउंड में चेकिंग का दावा

गुजरात में गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर विवाद, बजरंग दल का 200 से ज्यादा ग्राउंड में चेकिंग का दावा

by Nikul Patel 16 October 2026, 4:54 PM IST
16 October 2026, 4:54 PM IST
Controversy entry non-Hindus Garba pandals Gujarat

Gujarat News: गुजरात में नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. बजरंग दल के कार्यकर्ता अलग-अलग गरबा ग्राउंड में पहुंचकर चेकिंग कर रहे हैं. संगठन ने दावा किया है कि अब तक 200 से अधिक गरबा ग्राउंड में जांच की गई, जिनमें 40 जगहों पर गैर-हिंदू मिले. वहीं, गरबा आयोजनों में मुस्लिम बाउंसर और कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. दूसरी ओर, AIMIM गुजरात के प्रवक्ता असलम शेख ने मुस्लिम कर्मचारियों और कारोबारियों को निशाना बनाए जाने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि देश में नफरत के बजाय मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर बजरंग दल ने विरोध जताया है.

मुस्लिम समाज को नहीं दिया जाएगा प्रवेश

संगठन के कार्यकर्ता अलग-अलग गरबा ग्राउंड में पहुंचकर प्रवेश व्यवस्था की जांच कर रहे हैं. बजरंग दल के गुजरात उपाध्यक्ष ज्वलित मेहता और अहमदाबाद उपाध्यक्ष हिरेन रबारी ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा है. बजरंग दल का कहना है कि मुस्लिम समाज के लोगों को गरबा ग्राउंड में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए. संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने 200 से अधिक गरबा ग्राउंड में चेकिंग की, जिनमें 40 जगहों पर गैर-हिंदू मिले. संगठन के मुताबिक, कुछ लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया गया है. हालांकि, इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. बजरंग दल ने गरबा पंडालों में काम करने वाले मुस्लिम बाउंसरों और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं.

हिंदू महिलाओं के वीडियो बना रहे

संगठन का आरोप है कि कुछ बाउंसर अपने परिचित लोगों को बिना पास के गरबा ग्राउंड में प्रवेश दिला रहे हैं. बजरंग दल के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम बाउंसर गरबा खेलने आने वाली हिंदू महिलाओं के वीडियो बना रहे थे. संगठन ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए ऐसी गतिविधियों पर आपत्ति जताई है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि गरबा पंडालों में प्रवेश के दौरान लोगों की पहचान की जांच की जानी चाहिए. इस बीच, धार्मिक पहचान के आधार पर प्रवेश रोकने और गरबा आयोजनों में काम करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाने को लेकर विवाद बढ़ रहा है.

बाउंसर कर रहे हैं लोगों की जांच

दूसरी ओर, कुछ गरबा ग्राउंड में प्रवेश के दौरान सख्ती बरते जाने की बात सामने आई है. प्रवेश द्वार पर तैनात बाउंसर लोगों के पास की जांच कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर लोगों का तिलक और कलावा देखकर भी प्रवेश दिया जा रहा है. वहीं, किसी व्यक्ति की पहचान को लेकर संदेह होने पर उसका आईडी कार्ड चेक किया जा रहा है. गरबा आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन प्रवेश के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आयोजकों की ओर से क्या नियम निर्धारित किए गए हैं और उनका पालन किस तरह किया जा रहा है.

गरबा पंडालों में प्रवेश को लेकर जारी विवाद पर AIMIM गुजरात के प्रवक्ता असलम शेख ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि नवरात्रि गुजरात का गौरव और हिंदू भाइयों की आस्था का त्योहार है. उन्होंने मुस्लिम समाज से पहले भी अपील की थी कि वे गरबा देखने के लिए न जाएं. हालांकि, असलम शेख ने यह भी कहा कि यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा पंडाल में बाउंसर के तौर पर काम कर रहा है या स्टॉल लगाकर अपना रोजगार चला रहा है, तो उसे प्रताड़ित करना गलत है. उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति को उसके रोजगार के कारण निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.

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किसी व्यक्ति को काम करने से रोकना गुनाह

असलम शेख ने कहा कि जहां सम्मान नहीं मिलता, वहां जाने से बचना चाहिए, लेकिन किसी व्यक्ति को काम करने से रोकना या उसे परेशान करना उचित नहीं है. उन्होंने अहमदाबाद में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग रथयात्रा का स्वागत करते हैं, श्रद्धालुओं को शरबत पिलाते हैं और धार्मिक आयोजन में सहयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है. ऐसे में धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी समुदाय के लोगों को निशाना बनाने से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है. AIMIM प्रवक्ता ने अपने बयान में अजमेर दरगाह का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गैर-मुस्लिम समुदाय के लोग भी दुकानें चलाते हैं और अपना कारोबार करते हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह अयोध्या में राम मंदिर के आसपास भी मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुकानें लगाने और रोजगार करने का अवसर मिलना चाहिए. असलम शेख ने कहा कि देश में कौमी एकता बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाना होगा. उन्होंने गुजरात सरकार और पुलिस से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की.

AIMIM के अलग-अलग रुख सामने आए

गुजरात में गरबा पंडालों में प्रवेश को लेकर बजरंग दल और AIMIM के अलग-अलग रुख सामने आए हैं. बजरंग दल महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए गैर-हिंदुओं की एंट्री का विरोध कर रहा है. वहीं, AIMIM का कहना है कि गरबा आयोजनों में काम करने वाले कर्मचारियों और कारोबारियों को धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. इस विवाद के बीच गरबा आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश के नियमों और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अब देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं.

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