Kangana Ranaut Queen Full Power: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत एक बार फिर अपनी फिल्म को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार चर्चा उनकी आने वाली फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’ की हो रही है. इसे लेकर कानूनी विवाद खड़ा हो गया था. इसके नाम में ‘क्वीन’ शब्द होने की वजह से इसे साल 2014 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘क्वीन’ से जोड़कर देखा जा रहा था. मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया, लेकिन अब अदालत ने कंगना की इस नई फिल्म को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि दोनों फिल्मों की कहानी, किरदार और थीम में कोई समानता नजर नहीं आती.
कोर्ट से मिली राहत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत की आने वाली फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि पहली नजर में ये फिल्म साल 2014 की ‘क्वीन’ का सीक्वल, प्रीक्वल या रीबूट नहीं है. जस्टिस संदीप मार्ने की एकल पीठ ने बुधवार को इस मामले में आदेश सुनाया, जिसकी कॉपी शुक्रवार को मिली. अदालत के मुताबिक, दोनों फिल्मों की कहानियों की तुलना करने पर उनमें कोई खास समानता नहीं मिलती.
250 करोड़ रुपये का विवाद?
दरअसल, फैंटम स्टूडियोज ने जुलाई में जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. फैंटम स्टूडियोज का दावा था कि जब साल 2014 में फिल्म ‘क्वीन’ बनाई गई थी, तब दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था. इस समझौते के मुताबिक, फ्यूचर में फिल्म का कोई सीक्वल या प्रीक्वल बनाया जाता है, तो दोनों पक्षों के पास उसमें 50-50 प्रतिशत राइट्स होंगे. फैंटम स्टूडियोज का कहना था कि उसने फिल्म के किसी सीक्वल, रीमेक या उससे जुड़ी दूसरी कहानी बनाने की परमिशन नहीं दी थी. इसी बेस पर कंपनी ने ‘क्वीन फुल पावर’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की. साथ ही 250 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा भी किया. हालांकि, जियोस्टार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ‘क्वीन फुल पावर’ पूरी तरह नई कहानी है.
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पुरानी ‘क्वीन’ और नई फिल्म में अंतर?
साल 2014 में रिलीज हुई ‘क्वीन’ में कंगना रनौत ने रानी नाम की लड़की का किरदार निभाया था. फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की पर है, जिसकी शादी टूट जाती है. इसके बाद वो अकेले हनीमून पर निकल पड़ती है. इस सफर में रानी खुद को समझती है, नए दोस्त बनाती है. फिल्म का मैसेज महिलाओं की आजादी और आत्मनिर्भरता से जुड़ा था. वहीं ‘क्वीन फुल पावर’ की कहानी बिल्कुल अलग है. कोर्ट के मुताबिक, नई फिल्म एक किडनैपिंग और कॉमेडी थ्रिलर है. इसकी कहानी एक मिडिल क्लास मराठी लड़की की है, जिसकी नॉर्मल जिंदगी एक किडनैपिंग के बाद पूरी तरह से बदल जाती है.
सिर्फ नाम होने से नहीं बनता सीक्वल
इस मामले में फैंटम स्टूडियोज ने दलील दी थी कि नई फिल्म के नाम में ‘क्वीन’ शब्द इस्तेमाल होने से ऑडियन्स कन्फ्यूज हो सकती है. लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया. अदालत ने कहा कि ‘क्वीन’ एक नॉर्मल शब्द है, जिसका इस्तेमाल कई फिल्मों के नाम में किया जा चुका है. सिर्फ एक फिल्म की सक्सेस के बेस पर इस शब्द पर किसी एक का अधिकार नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने ये भी क्लियर किया कि, जियोस्टार ने कभी दावा नहीं किया कि वो साल 2014 की ‘क्वीन’ का सीक्वल बना रहा है.
क्या अब रिलीज होगी फिल्म?
हाईकोर्ट के फैसले से ‘क्वीन फुल पावर’ के मेकर्स को फिलहाल राहत जरूर मिली है. अदालत ने फैंटम स्टूडियोज की उस अंतरिम अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की मेकिंग, प्रमोशन और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि पूरा कानूनी विवाद खत्म हो गया है. अदालत का ये फैसला अंतरिम राहत से जुड़ा है. फिलहाल कंगना रनौत की नई फिल्म के रास्ते से एक बड़ी कानूनी अड़चन हट गई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि 2014 में ‘क्वीन’ बनकर लोगों का दिल जीतने वाली कंगना अपनी नई फिल्म ‘क्वीन फुल पावर’ से कितना एंटरटेन कर पाती हैं.
News Source: ANI
