MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने बड़े फैसले किए हैं. मंत्रिपरिषद की बैठक में करीब 3 हजार करोड़ रुपये की राशि शैक्षणिक सुविधाओं के विकास के लिए मंजूर की गई है, तो स्कूलों में परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए 241 करोड़ रुपये की योजना को भी हरी झंडी मिली है. सिंचाई परियोजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने और आयुष मिशन की योजना को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ है. वहीं, मुख्यमंत्री ने भोपाल को उद्योग और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने तथा जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की दिशा में काम करने की बात कही है. सरकार का फोकस शिक्षा से लेकर रोजगार और निवेश तक है.
शिक्षा पर बड़ा दांव
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा बजट मंजूर किया गया. प्रदेश में सांदीपनि स्कूलों की स्थापना के साथ शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, आवासीय संस्थानों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
साथ ही प्रदेश के स्कूलों में परिवहन व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए करीब 241 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है. इसके तहत बसों का संचालन और रखरखाव जिला स्तर पर किया जाएगा. सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध कराना है.
किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाओं को राहत
कैबिनेट ने किसानों को सिंचाई सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कई परियोजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है. बुरहानपुर, रायसेन के उदयपुर और भोजपुर क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सुधार का रास्ता साफ हुआ है. वहीं, सीतामऊ की लगभग 750 करोड़ रुपये की योजना और सिंगरौली क्षेत्र की 1,320 करोड़ रुपये की सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी पांच साल तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है. इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि को मजबूती देने की उम्मीद है.
आयुष मिशन पर 1,698 करोड़
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत लगभग 1,698 करोड़ रुपये की योजना को निरंतर जारी रखने का फैसला किया गया है. सरकार के इन फैसलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिखाई देता है.
भोपाल बनेगा उद्योग-व्यापार का बड़ा केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं पर भी जोर दिया है। प्रदेश में पर्यटन, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग के साथ लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी बड़े अवसर बताए गए हैं।
जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स तथा नरसिंहपुर और रायसेन में फूड प्रोसेसिंग उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए विकास की रणनीति तैयार की जा रही है। भोपाल को आईटी और तकनीकी क्षेत्र के साथ उद्योग और व्यापार का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से GIS समिट आयोजित करने की योजना है।
जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की तैयारी
शहरी विकास के मोर्चे पर भी सरकार की बड़ी योजना है. देवास, सीहोर, उज्जैन और इंदौर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास पर काम किया जा रहा है. वहीं, इंदौर और भोपाल के बाद जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है.
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