Home Latest News & Updates ग्रेटर नोएडा में चल रही थीं दो गुप्त ड्रग्स लैब, NCB की छापेमारी में 45 करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त

ग्रेटर नोएडा में चल रही थीं दो गुप्त ड्रग्स लैब, NCB की छापेमारी में 45 करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त

by Live Times Admin 18 October 2026, 5:30 PM IST (Updated 18 October 2026, 5:31 PM IST)
18 October 2026, 5:30 PM IST (Updated 18 October 2026, 5:31 PM IST)
Greater Noida Two clandestine drug labs operating

UP Crime: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में नशीले पदार्थ बनाने वाली दो अवैध प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है. 16 अक्टूबर को की गई इस कार्रवाई में 379.740 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ और 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन बरामद किया गया. बरामद क्रिस्टलीय और अर्ध-क्रिस्टलीय पदार्थ से लगभग 56 किलोग्राम तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनने का अनुमान है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत करीब 45 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

एनसीबी के मुताबिक, विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई गांव जहांनाबाद कादलपुर, जिला गौतम बुद्ध नगर में की गई. दोनों अवैध प्रयोगशालाएं किराये की जगहों पर संचालित की जा रही थीं, जिन्हें कथित तौर पर सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण और प्रसंस्करण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. इस अभियान को ‘ऑपरेशन क्रिस्टल हंट’ नाम दिया गया.

3 रूपों में मिला एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ

कार्रवाई के दौरान एनसीबी ने कुल 379.740 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ बरामद किया. इसमें 4.260 किलोग्राम क्रिस्टलीय, 157.700 किलोग्राम अर्ध-क्रिस्टलीय और 217.780 किलोग्राम तरल पदार्थ शामिल है. इसके अलावा 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन भी जब्त किया गया. जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद क्रिस्टलीय और अर्ध-क्रिस्टलीय पदार्थ से लगभग 56 किलोग्राम तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन प्राप्त होने का अनुमान है. इसकी अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है.

लैब में मिले रसायन और आधुनिक उपकरण

एनसीबी की टीम को दोनों परिसरों में नशीले पदार्थों के निर्माण और रासायनिक प्रसंस्करण से जुड़े बड़े पैमाने के इंतजाम मिले. इनमें बड़े हीटिंग मेंटल, कांच के रिएक्शन वेसल, रसायनों के भंडारण के ड्रम, फिल्ट्रेशन उपकरण, वजन मापने की मशीनें, रेस्पिरेटर और अन्य प्रयोगशाला उपकरण शामिल हैं. इसके अलावा हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट समेत बड़ी मात्रा में रसायन भी बरामद किए गए. एनसीबी के मुताबिक, इन रसायनों का इस्तेमाल मेथामफेटामाइन जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थों के निर्माण में किया जाता है.

नाइजीरियाई नागरिक को किया गिरफ्तार!

एनसीबी ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें डेस्टिनी अब्राहम डंबिरी (Destiny Abraham Dumbiri) शामिल है, जिसने खुद को नाइजीरियाई नागरिक बताया था. आव्रजन रिकॉर्ड के अनुसार, वह जनवरी 2020 में फ्रांसिस कालोकोह (Francis Kalokoh) नाम से सिएरा लियोन के नागरिक के रूप में पर्यटक वीजा पर भारत आया था. उसका वीजा दिसंबर 2020 तक वैध था. जांच एजेंसी के मुताबिक, मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों द्वारा अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की आशंका की भी जांच की जा रही है. दूसरे आरोपी की पहचान मिजोरम निवासी लल्लावमजुआली के रूप में हुई है.

पहले भी हो चुकी हैं ओलिविया गिरफ्तार

एनसीबी के अनुसार, ओलिविया को इससे पहले मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम हवाई अड्डे पर एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. उस मामले की जांच राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), गोवा कर रहा था. उस दौरान उसके चेक-इन सामान से 313 ग्राम हेरोइन युक्त पाउडर बरामद किया गया था, जिसे वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में बताया गया था. फिलहाल वह उस मामले में जमानत पर है.

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पकड़ी गई थी सिंथेटिक ड्रग्स की लैब

ग्रेटर नोएडा में अवैध ड्रग्स लैब के खिलाफ एनसीबी की यह कार्रवाई अक्टूबर 2024 में कसना औद्योगिक क्षेत्र में की गई कार्रवाई के बाद हुई है. उस समय एक गुप्त सिंथेटिक ड्रग्स प्रयोगशाला का भंडाफोड़ करते हुए ठोस और तरल रूप में लगभग 95.5 किलोग्राम सिंथेटिक नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे.उस मामले की जांच में मैक्सिको के ड्रग कार्टेल कार्टेल डे जलिस्को नुएवा जेनेरासियोन (CJNG) से कथित संबंधों के संकेत मिले थे. उस मामले में मैक्सिको के एक नागरिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

फंडिंग से लेकर सप्लाई नेटवर्क तक की जांच

एनसीबी अब मौजूदा मामले में शामिल नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, रसायनों की खरीद और नशीले पदार्थों के वितरण से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही है. एजेंसी का उद्देश्य इस नेटवर्क के वित्तपोषकों, रसायन आपूर्तिकर्ताओं, तकनीकी सहायता देने वालों और अन्य सहयोगियों की पहचान करना है. मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है. साथ ही अन्य राज्यों और विदेशों से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है.

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दिल्ली से रुम्मान उल्ला खान की रिपोर्ट

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