Home Top News पीतमपुरा में अनोखा दहन, रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, समिति बोली- सफाई का संदेश…

पीतमपुरा में अनोखा दहन, रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, समिति बोली- सफाई का संदेश…

by Neha Singh 19 October 2026, 9:09 AM IST (Updated 19 October 2026, 9:10 AM IST)
19 October 2026, 9:09 AM IST (Updated 19 October 2026, 9:10 AM IST)
Cockroach effigy


Cockroach Effigy: दिल्ली के पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला समिति इस दशहरे पर कुछ अलग करने जा रही है. यहां दशहरा के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ-साथ एक कॉकरोच का 30 फुट ऊंचा पुतला भी जलाया जाएगा. समिति का कहना है कि कॉकरोच के पुतले को जलाकर वे स्वच्छता का संदेश देना चाहते हैं. यह पुतला ऐसे समय पर जलाया जा रहा है, जब कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में लगातार प्रदर्शन कर रही है. इसलिए कॉकरोच के पुतले को सीजेपी से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

पुतले बनाने वाले कारीगर शाहवेज खान ने बताया कि उनका परिवार उनके दादा और परदादा के समय से ही पुतले बनाता आ रहा है. खान ने बताया, “हम रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाते हैं. इस साल, इसमें एक नई चीज जोड़ी गई है – एक कॉकरोच का पुतला.” उन्होंने बताया कि कॉकरोच का एक पुतला तैयार करने में लगभग 3-4 दिन लगते हैं, जबकि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों को बनाने में पूरा एक महीना लग जाता है.

साफ-सफाई का संदेश

इससे पहले, श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि यह फैसला घरों, आस-पड़ोस और पूरे समाज से “गंदगी को खत्म करने की जरूरत” को उजागर करने के लिए लिया गया है. समिति के इस नए पुतले को शामिल करने के फैसले के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि देश को प्रभावित करने वाले मुद्दों को दर्शाने के लिए एक अतिरिक्त पुतला जलाने की परंपरा पहले भी रही है. उन्होंने कहा “इन सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए, हमने अतीत में भी अपने देश को परेशान करने वाली विभिन्न समस्याओं, जैसे नक्सलवाद या आतंकवाद के प्रतीकात्मक पुतले जलाए हैं. इस साल, हमारी समिति ने केशव रामलीला समिति मैदान (NSP) में गंदगी के प्रतीक के रूप में एक कॉकरोच (तिलचट्टे) का पुतला जलाने का फैसला किया है. हमारा लक्ष्य तीन जगहों से गंदगी को खत्म करना है: हमारे घरों से, हमारे आस-पास के माहौल से और पूरे समाज से.”

देखने लायक नजारा होगा

जब उनसे पूछा गया कि समिति ने इस समस्या को दर्शाने के लिए कॉकरोच को ही क्यों चुना, तो देवराहा ने बताया कि इसका मकसद देश और समाज को गंदगी से मुक्त करने की जरूरत की ओर लोगों का ध्यान खींचना है. उन्होंने कहा, “देखिए, किसी भी रूप में हो, गंदगी एक ऐसी चीज है जिससे हमारे देश, हमारे समाज और हमारे आस-पड़ोस को मुक्त होना चाहिए. हमारे इस फैसले के पीछे यही कारण है. यह 30 फुट ऊंचा पुतला जब जलेगा, तो यह वाकई देखने लायक नजारा होगा!”

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News Source: ANI

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