Ankita Murder Case: भारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता–पिता से बातचीत करने के बाद अब बड़ा फैसला लिया है. CM धामी ने अंकिता हत्याकांड प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी है.
Ankita Murder Case: भारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता–पिता से बातचीत करने के बाद अब बड़ा फैसला लिया है. CM धामी ने अंकिता हत्याकांड प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी है. अब इस पर केंद्र सरकार फैसला लेगी. इस मामले के फिर से चर्चा में आते ही कांग्रेस समेत कई संगठनों ने पूरे राज्य में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था. जिसके बाद से सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को 19 वर्षीय रिसॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 2022 में हुई हत्या की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का इरादा पूरी तरह स्पष्ट है कि किसी भी तथ्य या सबूत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. धामी ने घोषणा की कि अंकिता के माता-पिता के साथ हाल ही में हुई एक बैठक में उन्होंने मामले की CBI जांच का अनुरोध किया था और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उत्तराखंड सरकार ने जांच की सिफारिश की है.
अंकिता के माता-पिता ने सीएम से की थी मुलाकात
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने बुधवार रात धामी से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा मामले की जांच की मांग की गई थी. पत्र में अंकिता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या एक ‘वीआईपी’ के कारण हुई, जिसकी पहचान अभी तक अज्ञात है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना रहा है और रहेगा. धामी ने कहा कि अंकिता सिर्फ एक पीड़िता ही नहीं थी, बल्कि वह हमारी बहन और बेटी भी थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत और पारदर्शी कार्रवाई करते हुए एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा कि पूरा मामला स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राज्य सरकार ने निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है.
‘वीआईपी’ की संलिप्तता का आरोप
सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हो रहे ऑडियो क्लिप का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है. अंकिता हत्याकांड में वीआईपी से जुड़े हालिया खुलासों ने राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है, जिसके चलते कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. 2022 में पौड़ी स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों ने हत्या कर दी थी. इस मामले में तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. 2022 में हुई इस हत्या की सीबीआई जांच की मांग तब से तेज हो गई है जब से अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने हत्या में एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का आरोप लगाया है. उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की है, जिसमें उन्होंने अंकिता हत्याकांड में एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का आरोप लगाया है.
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