ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली स्थित एक घर में छापा मारकर 5 करोड़ नकद और 8 करोड़ के आभूषण बरामद किए. ED ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है.
ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली स्थित एक घर में छापा मारकर 5 करोड़ नकद और 8 करोड़ के आभूषण बरामद किए. ED ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली स्थित एक घर की तलाशी के दौरान 5.12 करोड़ नकद, 8.80 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषणों से भरा एक सूटकेस और 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं. बुधवार को दक्षिण दिल्ली के सर्वप्रिय विहार स्थित आवासीय परिसर पर की गई यह छापेमारी हरियाणा के फरार अपराधी इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई थी. ईडी ने बताया कि आरोपी यादव यूएई से अपना काम चला रहा है. ईडी अधिकारियों ने बताया कि यह घर यादव के सहयोगी अमन कुमार से जुड़ा है और मंगलवार से शुरू हुई छापेमारी अभी भी जारी है. बुधवार सुबह करेंसी काउंटिंग मशीनों से लैस बैंक अधिकारियों को बुलाया गया था और अब तक 5.12 करोड़ रुपये नकद, 8.80 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषणों से भरा एक सूटकेस और 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े बैंक चेकबुक और दस्तावेजों से भरा एक बैग बरामद किया गया है.
हरियाणा में दर्ज हैं कई मुकदमे
ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी के लिए यादव और कुमार दोनों से संपर्क नहीं हो सका. आरोपी यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, जबरन वसूली, निजी वित्तदाताओं से जबरन ऋण निपटान और ऐसी अवैध गतिविधियों से कमीशन कमाने से संबंधित है. ईडी का मामला हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 14 एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित है. ईडी ने इस मामले में 26 और 27 दिसंबर को दिल्ली, गुरुग्राम और हरियाणा के रोहतक में 10 स्थानों पर तलाशी का पहला चरण चलाया था. यादव से जुड़े स्थानों के अलावा ईडी ने अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड नामक कंपनी से संबंधित परिसरों पर भी छापा मारा. 29 दिसंबर को जारी एक बयान में ईडी ने कहा कि यादव हरियाणा पुलिस के विभिन्न मामलों में वांछित है. एजेंसी ने आगे कहा कि यादव जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (जेम्स ट्यून्स के रूप में संचालित) नामक कंपनी का मालिक और मुख्य नियंत्रक है, जो हत्या, जबरन वसूली, निजी वित्तदाताओं द्वारा दिए गए ऋणों के जबरन निपटान, अवैध भूमि हड़पने, धोखाधड़ी, जालसाजी जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल है.
अपराध से अर्जित की करोड़ों की संपत्ति
आरोप है कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य जैसी कुछ कंपनियों ने दिघल और झज्जर (हरियाणा) स्थित निजी फाइनेंसरों से भारी मात्रा में नकद ऋण लिया और सुरक्षा के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए. ईडी ने कहा कि यादव ने एक गुंडे की भूमिका निभाई, जिसने करोड़ों रुपये के निजी ऋण लेनदेन और वित्तीय विवादों के जबरन निपटारे में मदद की. ईडी ने कहा कि इस निपटारे में विदेशों से संचालित अपराध गिरोहों की भी मिलीभगत थी. एजेंसी ने दावा किया कि यादव ने इन कंपनियों के मामलों को निपटाने के लिए कमीशन के रूप में करोड़ों रुपये कमाए. इसके बाद यादव ने इस आय का इस्तेमाल अचल संपत्तियों, लग्जरी कारों के अधिग्रहण और न्यूनतम आयकर रिटर्न दाखिल करते हुए विलासितापूर्ण जीवन जीने के लिए किया. ईडी ने इस महीने की शुरुआत में तलाशी के पहले चरण में पांच महंगी कारें, 17 लाख रुपये नकद बरामद किए थे.
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