Punjab Government Action: पंजाब सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए अपने चार अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया. सरकार की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया.
Punjab Government Action: पंजाब सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए अपने चार अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया. सरकार की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया. सरकार ने कहा कि लापरवाह और गैरजिम्मेदार अधिकारियों को कत्तई बख्शा नहीं जाएगा. सरकार ने सख्त कार्रवाई कर यह संदेश दे दिया है कि कोई कितना भी बड़ा अफसर क्यों न हो, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पंजाब सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग के चार अधिकारियों को लंबे समय तक बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त कर दिया है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राज्य कर आयुक्त द्वारा तीन आबकारी एवं कराधान निरीक्षकों और एक क्लर्क के खिलाफ ‘मान्य त्यागपत्र’ का नियम लागू करने के बाद यह कार्रवाई की गई, क्योंकि बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद वे ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे थे.
लोक सेवा में जवाबदेही आवश्यक
राज्य के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के खिलाफ सख्त नीति अपनाती है. उन्होंने कहा कि लोक सेवा में प्रतिबद्धता और जवाबदेही आवश्यक है. जो कर्मचारी बिना अनुमति के लंबे समय तक काम से अनुपस्थित रहते हैं, वे सरकारी सेवा में बने नहीं रह सकते. अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय पंजाब सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम, 1970 के नियम 8 के तहत की गई जांच के बाद लिया गया है. जालंधर-2 में एक निरीक्षक 15 मार्च, 2023 से अपने पद से अनुपस्थित था, क्योंकि उसकी छुट्टी अस्वीकृत कर दी गई थी. एक अन्य निरीक्षक 24 जून, 2023 से निलंबित किए जाने के बाद अनुपस्थित पाया गया.
बर्खास्तगी के बाद पेंशन या अन्य सेवा लाभ नहीं मिलते
रोपड़ रेंज में एक निरीक्षक को 29 मई, 2021 से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त कर दिया गया, क्योंकि उसने निजी यात्रा के लिए विदेश जाने के लिए स्वीकृत ‘भारत से बाहर’ की छुट्टी समाप्त कर दी थी. वहीं, जालंधर लेखा परीक्षा विंग में तैनात एक क्लर्क 11 सितंबर, 2023 से ड्यूटी पर नहीं आया, क्योंकि उसकी भारत से बाहर की छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई थी. अधिकारियों ने बताया कि स्वतः त्यागपत्र नियम के अनुसार, एक वर्ष से अधिक समय तक बिना स्वीकृत छुट्टी के अनुपस्थित रहने वाले किसी भी कर्मचारी को सेवा से इस्तीफा दिया हुआ माना जाता है. वह पेंशन या अन्य सेवा लाभों का हकदार नहीं होता है.
ये भी पढ़ेंः UP में चुनावी डेटा पर बड़ा खुलासा: स्थायी पलायन बना बड़ी चुनौती, पते पर नहीं मिले 1.30 करोड़ वोटर
