Patna NEET Aspirant Death: नीट छात्रा मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. छात्रा की फॉरेंसिक रिपोर्ट में उसके कपड़ों से सीमन के निशान मिले हैं.
25 January, 2026
पटना में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला पूरे बिहार में गरमाया हुआ है. शुरुआत में पुलिस संदिग्ध मौत को आत्महत्या बता रही थी लेकिन अब फॉरेंसिक जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. फॉरेंसिकस जांच से यह पुष्टि हुई है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था. रविवार को पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से सीमेन के निशान मिले हैं. जिससे पता चलता है कि लड़की के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट में मिले सीमेन के निशानों से DNA प्रोफाइल लेगी.
दो SHO निलंबित
पटना पुलिस ने शनिवार देर रात कदमकुआं पुलिस स्टेशन के एडिशनल ऑफिसर-इन-चार्ज हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन की ऑफिसर-इन-चार्ज, सब-इंस्पेक्टर रोशनी कुमारी को मामले में ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया. बता दें छात्रा के परिवार ने शुरू में मारपीट और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और CCTV फुटेज से यह बात खारिज हो गई. पटना पुलिस ने 13 जनवरी को जारी एक बयान में दावा किया था कि “डॉक्टरों को यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला और उन्होंने कहा कि उसने बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाई थीं और वह टाइफाइड से पीड़ित थी,” हालांकि अब फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा यौन उत्पीड़न की तरफ बढ़ गई है.
कमरे में मिला था छात्रा का शव
18 साल की छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी और पटना में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET की तैयारी कर रही थी. 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में छात्रा बेहोश मिली थी. वह परीक्षा की कोचिंग लेने के लिए एक प्राइवेट हॉस्टल में रह रही थी. पांच दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई. उसके परिवार ने आरोप लगाया था कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. फिलहाल एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) मामले की जांच कर रही है.
प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान
मृतक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके प्राइवेट पार्ट्स पर चोटों और शरीर पर नाखूनों के खरोंच के निशान बताए गए थे. उसकी मौत के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया. डॉक्टरों की शुरुआती जांच में यह निष्कर्ष निकला था कि मौत बड़ी संख्या में नींद की गोलियां खाने से हुई थी, और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी. हालांकि, लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला कि घटना के पीछे ‘यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता.’
पटना-AIIMS के पांच सदस्यों वाले मेडिकल बोर्ड ने कहा कि मामले की जांच कर रही SIT ने “अभी तक उसे सभी जरूरी दस्तावेज़ नहीं दिए हैं.” मेडिकल बोर्ड के प्रमुख डॉ. विनय कुमार ने कहा, “SIT ने अभी तक हमें मामले से जुड़े सभी ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं दिए हैं, जिनके आधार पर हम कोई नतीजा निकाल सकें या मामले पर अपनी राय दे सकें.
News Source: PTI
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