Russo-Ukrainian War : रूस अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार नए विकल्पों को तलाश रहा है. एक खबर है कि रूस कैदियों को भी मौका दे रहा है कि वह सेना में भर्ती होंगे तो उन्हें लाभ दिया जाएगा.
Russo-Ukrainian War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के करीब 4 साल पूरे होने वाले हैं और अभी तक इसको खत्म करने के लिए कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. हर रोज यूक्रेन में खतरा मंडराता है कि कितने लोगों के घरों की बिजली जाने वाली है. इसी बीच रूस जेलों में बंद अपराधियों के लिए सुनहरा अवसर दे रहा है और उन्हें सेना में भर्ती के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है. रूस यूक्रेन में लड़ने के लिए नए सैनिक ढूंढने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. अगर कैदी युद्ध लड़ने के लिए तैयार होते हैं तो सजा में कुछ छूट दी जा सकती है और सरकार की तरफ से अच्छा इनाम भी दिया जाएगा.
उत्तर कोरिया ने भेजे हजारों सैनिक
साल 2024 में मास्को ने उत्तर कोरिया से एक रक्षा संधि की थी और उसके बाद उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस की रक्षा करने के लिए हजारों सैनिक भेजे. वहीं, भारत, नेपाल और बांग्लादेश समेत दक्षिण एशियाई देश के लोग शिकायत करते हैं कि नौकरी का वादा करने के दौरान सेना में भी भर्ती करवा दिया जाता है. केन्या, दक्षिण अफ्रीका और इराक के अधिकारियों ने कहा कि उनके लोगों के साथ भी ऐसा किया गया. वहीं, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने कहा था कि यूक्रेन में 7 लाख रूसी सैनिक लड़ रहे हैं. हालांकि, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने पिछली गर्मियों में कहा था कि 10 लाख से अधिक रूसी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं.
विदेशी लोग भी हुए सेना में शामिल
कई मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा गया है कि 1 लाख 60 हजार से ज्यादा मारे गए सैनिकों के नाम इकट्ठा किए. इस दौरान पता चला कि 550 सैनिक दूसरे देशों के थे. हालांकि, पुतिन ने बड़े पैमाने पर लोगों को सेना में भर्ती करने का आदेश देने से मना कर दिया था. हालांकि, बीते तीन साल पहले युद्ध में 3 लाख सैनिकों को इकट्ठा करने की बात की गई और उस वक्त कुछ लोग विदेश भाग गए थे. लेकिन जब ये संख्या पूरी हो गई तो फिर जबरदस्ती सैनिकों की भर्ती को बंद कर दिया गया था. एक बार फिर पुतिन ने एक फरमान जाहिर किया है, जिसमें कहा गया है कि खुली भर्ती है जिसको शामिल होना वह हो सकता है. मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट को भी खुला कर दिया गया है. मास्को की काफी हद कोशिश है कि आम लोगों अपनी मर्जी से भर्ती हो.
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि इन कॉन्ट्रैक्ट में सेवा की एक निश्चित तारीख तय होती है और उस दौरान लगता है कि ये अस्थायी है. लेकिन कई बार कॉन्ट्रैक्ट अपने आप अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ा दिया जाता है. सरकार भर्ती होने वालों को ज्यादा सैलेरी और कई फायदे देती है.
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News Source:- PTI
