Banda District Jail: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अजब मामला सामने आया है. बांदा जेल से अदालती आदेश के बिना गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को रिहा कर दिया गया.
Banda District Jail: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अजब मामला सामने आया है. बांदा जेल से अदालती आदेश के बिना गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को रिहा कर दिया गया. इस बात की जानकारी होने पर शासन में हड़कंप मच गया. दरअसल जेलर को एक आदेश समझने में गलतफहमी हो गई. गैंगस्टर रवि काना के लिए बी-वारंट (अदालत के समक्ष पेश होने के लिए) जारी किया गया था. यही आदेश जेलर समझ नहीं पाया और उसने रवि काना को रिहा कर दिया. इस बात की जानकारी होने पर शासन ने आनन-फानन में जेलर को निलंबित कर दिया. काना की रिहाई के बाद पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए कई टीमें गठित की हैं और कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. उत्तर प्रदेश के जेल विभाग ने शनिवार को बताया कि बांदा जिला जेल के एक जेलर को निलंबित कर दिया गया है. उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है. यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के आरोपी रवि काना को बी वारंट के तहत हिरासत में रखे जाने के बावजूद रिहा करने के संबंध में की गई है.
जेलर विक्रम सिंह यादव निलंबित
उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन और सुधार सेवा मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला कि बांदा जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना को 29 जनवरी को रिहा कर दिया गया था, जबकि जेल अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि उसे बी-वारंट (अदालत के समक्ष पेश होने के लिए) पर तलब किया गया था. बयान में कहा गया है कि बांदा जेल अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. शासन ने कहा है कि प्रयागराज के उप महानिरीक्षक (जेल) द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. यह कार्रवाई तब की गई, जब नोएडा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने बांदा जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
पुलिस की कई टीमें दे रहीं दबिश
गैंगस्टर रवि काना के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के दनकौर पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज था. इसी मामले में न्यायिक हिरासत में रहने के बावजूद बिना किसी अदालती आदेश के काना को रिहा कर दिया गया. इसी रिहाई को लेकर नोएडा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नोटिस जारी किया था. जबरन वसूली और जबरदस्ती के जरिए आपराधिक साम्राज्य बनाने के आरोपी काना को 2024 में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था. प्रशासनिक कारणों से उसे अगस्त 2024 में बांदा जेल स्थानांतरित कर दिया गया था और इस सप्ताह की शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उसे नोएडा अदालत में पेश किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि काना की रिहाई के बाद पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए कई टीमें गठित की हैं और कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की जा रही है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
