Home राज्यAssam चुनावी हलचल: असम में CM हिमंत सरमा की मौजूदगी में कांग्रेस सांसद बोरदोलोई ने थामा भाजपा का दामन

चुनावी हलचल: असम में CM हिमंत सरमा की मौजूदगी में कांग्रेस सांसद बोरदोलोई ने थामा भाजपा का दामन

by Sanjay Kumar Srivastava
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चुनावी हलचल: असम में हिमंत सरमा की मौजूदगी में बोरदोलोई ने थामा भाजपा का दामन, प्रियंका ने कहा- प्रद्युत का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण

Assam Politics: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए.

Assam Politics: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए. बोरदोलोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर बुधवार को तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई. कांग्रेस ने इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भाजपा ने कहा कि यह विपक्षी पार्टी के कमजोर होते आधार को दर्शाता है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि बोरदोलोई का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है. वाड्रा ने संसद भवन परिसर में कहा कि मुझे लगता है कि वह टिकट आवंटन से नाराज थे. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी बोरदोलोई को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की कोशिश करेगी. बोरदोलोई असम की नगांव लोकेश सभा सीट से सांसद हैं.

मोदी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा

मसूद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह 65 फीसदी मुस्लिम आबादी वाली सीट से जीते हैं. आप भाजपा के खिलाफ वोटों से जीते हैं. विचारधारा से समझौता करना सही बात नहीं है. हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे. भाजपा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि इस्तीफा सत्तारूढ़ दल के प्रति बढ़ते जन समर्थन को दर्शाता है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में कुछ नहीं बचा है. बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि बीजेपी की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है. कांग्रेस अब एक राष्ट्रीय पार्टी होने के बजाय एक क्षेत्रीय पार्टी बनती जा रही है, जहां केवल नेता ही बचे हैं क्योंकि कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. बीजेपी सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि कोई भी डूबती नाव पर बैठे रहना नहीं चाहता. कांग्रेस नेता पार्टी की कमजोरियों के कारण बेहतर विकल्प तलाश कर रहे हैं. विपक्षी कांग्रेस को झटका देते हुए बोरदोलोई ने राज्य में विधानसभा चुनाव से बमुश्किल 20 दिन पहले मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया.

छात्र जीवन से ही NSUI से थे जुड़े

बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा. खड़गे को संबोधित एक पंक्ति के इस्तीफे में सांसद ने कहा कि आज अत्यधिक दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं. बोरदोलोई विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी थे. कॉटन कॉलेज (अब विश्वविद्यालय) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, नागांव के सांसद 2016 तक मार्गेरिटा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार विधायक रहे हैं. अपने छात्र जीवन से ही राज्य एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं. असम से कांग्रेस के तीन लोकसभा सांसद हैं – प्रदेश अध्यक्ष गोगोई (जोरहाट से), बोरदोलोई और रकीबुल हुसैन (धुबरी).

मौजूदा विधायक को टिकट देने का किया था विरोध

बोरदोलोई ने हाल ही में जितेंद्र सिंह को एक पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया था कि अगर लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नज़र को विधानसभा चुनाव के लिए फिर से टिकट दिया जाता है तो वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं. सांसद ने पत्र में कहा था कि नज़र का करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और पार्टी के अन्य नेताओं पर हुए हमले में शामिल था और पुलिस ने इस मामले में उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया था. चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की कि असम में केरल और पुडुचेरी के साथ 9 अप्रैल को एक ही दिन में विधानसभा चुनाव होंगे, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा. सभी चुनावों के लिए वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी.

ये भी पढ़ेंः बंगाल चुनाव से पहले बगावत: TMC को बड़ा झटका, पार्टी संस्थापक और विधायक खगेश्वर रॉय ने दिया इस्तीफा

News Source: PTI

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