Assam News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (14 फरवरी) को असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने नवनिर्मित ‘कुमार भास्कर वर्मा पुल’ का उद्घाटन करेंगे.
Assam News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (14 फरवरी) को असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने नवनिर्मित ‘कुमार भास्कर वर्मा पुल’ का उद्घाटन करेंगे. लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह पुल असम में क्षेत्रीय संपर्क और शहरी आवागमन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. 1.24 किलोमीटर लंबा यह पुल गुवाहाटी को उत्तरी गुवाहाटी से जोड़ेगा. अधिकारियों ने बताया कि इसका निर्माण भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण नदीय क्षेत्रों में से एक पर किया गया है, जो अपने आप में एक बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धि है. परियोजना को पूरा करने वाली एजेंसी ‘एसपीएस कंस्ट्रक्शन इंडिया’ के निदेशक रोहित सिंगला ने बताया कि यह पुल असम के दीर्घकालिक परिवहन नेटवर्क का एक प्रमुख हिस्सा बनेगा.
जाम से मिलेगी मुक्ति
कहा कि इस पुल के शुरू होने से गुवाहाटी में यातायात की भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा के समय में भारी बचत होगी. यह यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए एक सुगम मार्ग प्रदान करेगा. सिंगला ने परियोजना के दौरान अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आधुनिक पुल कई दशकों तक क्षेत्र की आवागमन संबंधी जरूरतों को पूरा करेगा. इस नए मार्ग से आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है. सिंगला ने कहा कि पारंपरिक सस्पेंशन पुलों के विपरीत इसे आधुनिक एक्स्ट्राडोज्ड डिज़ाइन से तैयार किया गया है. यह 6-लेन संरचना पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना में नदी की बदलती परिस्थितियों के तहत व्यापक योजना, समन्वय और क्रियान्वयन शामिल था.
असम के विकास को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारी ने बताया कि नया पुल प्रमुख परिवहन मार्गों को जोड़ता है. इसके अलावा इस पुल से असम के क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा, गुणवत्ता और पर्यावरण मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पुल के निर्माण की बारीकी से निगरानी की गई है. सिंगला ने बताया कि कंपनी अपना सहयोग जारी रखेगी ताकि निवासियों और व्यवसाइयों को इसका लाभ मिल सके. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुल का प्रमुख लाभ यह है कि उत्तर गुवाहाटी में स्थित कई राष्ट्रीय संस्थानों और सांस्कृतिक स्थलों तक लोग आसानी से पहुंच सकेंगे. इसके अलावा उत्तर गुवाहाटी के साथ राज्य की राजधानी क्षेत्र का भी समग्र विकास होगा.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
