Home Top News यात्रियों को बड़ी राहत: दिल्ली-अंबाला और कसारा-मनमाड के बीच बिछेंगी तीसरी और चौथी लाइन

यात्रियों को बड़ी राहत: दिल्ली-अंबाला और कसारा-मनमाड के बीच बिछेंगी तीसरी और चौथी लाइन

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
यात्रियों को बड़ी राहत: कसारा-मनमाड और दिल्ली-अंबाला के बीच बिछेंगी तीसरी-चौथी लाइन, कम होगी भीड़भाड़

Indian Railways: कैबिनेट ने 18,509 करोड़ की तीन बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. कसारा-मनमाड और दिल्ली-अंबाला के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी.

Indian Railways: कैबिनेट ने 18,509 करोड़ की तीन बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. कसारा-मनमाड और दिल्ली-अंबाला के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी. जिससे भीड़भाड़ कम होने के साथ ही यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने शनिवार को भारतीय रेलवे की कायाकल्प के लिए 18,509 करोड़ की तीन प्रमुख मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है. इन परियोजनाओं के तहत कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसपेटे रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा. ट्रैक की क्षमता बढ़ने से न केवल रेल यातायात सुगम होगा बल्कि भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवाओं की विश्वसनीयता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा. भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से तैयार ये प्रस्ताव परिचालन को सुव्यवस्थित करेंगे.

बचेगा यात्रियों का समय

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री के ‘नए भारत’ और ‘आत्मनिर्भर’ विजन के अनुरूप हैं. इनका लक्ष्य क्षेत्र में व्यापक विकास के जरिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इन परियोजनाओं से यात्रियों को समय की बचत और माल ढुलाई में तेजी का लाभ मिलेगा. कैबिनेट ने कहा कि ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत हैं, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श से मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. ये परियोजनाएं यात्रियों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी. दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करने वाली ये तीन परियोजनाएं मौजूदा रेलवे नेटवर्क को लगभग 389 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी. प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं लगभग 97 लाख की संयुक्त आबादी वाले लगभग 3,902 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी.

प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना होगा आसान

रेलवे विभाग ने कहा है कि ट्रैक बिछ जाने से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों भावली बांध, श्री घाटंदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, कटरा में श्री माता वैष्णो देवी श्रीनगर, हम्पी (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल), बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बियर अभयारण्य, तुंगभद्रा बांध, केंचनागुड्डा और विजया विट्टला मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा और आवागमन सुगम होगा. इसके अलावा रेलवे को व्यावसायिक लाभ भी होगा. प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, चूना पत्थर/बॉक्साइट, कंटेनर, खाद्यान्न, चीनी, उर्वरक और अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्गों पर स्थित हैं. क्षमता वृद्धि से प्रति वर्ष 96 मिलियन टन माल ढुलाई में वृद्धि होगी. कैबिनेट समिति ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे.

ये भी पढ़ेंः असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, पहली बार इमरजेंसी स्ट्रिप पर उतरा पीएम का विमान

News Source: Press Trust of India (PTI)

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?