Delhi Murder Case : दिल्ली के बवाना में एक कारोबारी का मर्डर कर दिया गया. इसकी जांच में जुटी दिल्ली पुलिस को शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला लेकिन बाद में काफी मशक्कत के बाद मामले को सुलझा लिया.
Delhi Murder Case : दिल्ली के बवाना इलाके में प्लास्टिक कारोबारी वैभव गांधी की दिनदहाड़े हत्या मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस केस में पुलिस को शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला था लेकिन 15 फरवरी, 2026 में जोन-1 के स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर रविंद्र सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक बड़ा खुलासा किया. रविंद्र सिंह ने इस केस के खुलासे करते हुए 5 लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्यों की गिरफ्तारी का जिक्र किया.
आरोपी के पैर में मारी गोली
रविंद्र सिंह ने बताया कि यह मर्डर शुरुआत में पूरी तरह रहस्यमयी था, लेकिन जॉइंट सीपी नॉर्दन रेंज विजय कुमार और डीसीपी नॉर्थ हरेश्वर स्वामी की टीम ने प्रोफेशनलिज्म तरीक से सुलझा लिया है. वहीं, इस मामले को सुलझाने के लिए ASI बलवान सिंह और हेड कांस्टेबल पवन के नेतृत्व में भवाना पुलिस स्टेशन की टीम ने काफी सूझबूझ दिखाई. हेड कांस्टेबल पवन ने रात में एक आरोपी को चैलेंज दिया और उसे रोकने की कोशिश की. इसके आरोप आरोपी अरुण ने गोली चलाई और उसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. इस दौरान अरुण के पैर में गोली लग गई और इस मुठभेड़ के दौरान पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया.
पूर्व कर्मचारी ने की मुखबिरी
इस मामले को सुलझाने के बाद स्पेशल सीपी ने पुलिस वालों को शबाशी दी और कहा कि एक छोटे से थाने की पुलिस ने मामले को 5-6 दिनों के भीतर ही सुलझा दिया. ये काबिले तारीफ है. बताया जा रहा है कि हत्या का मकसद सिर्फ लूट का था न कि कोई सुपारी लेकर हत्या. मृतक वैभव गांधी करोल बाग में रहते थे और रोज सुबह बवाना की अपनी फैक्ट्री में जाते थे. इसके अलावा वह अपनी गाड़ी से भारी मात्रा में कैश लेकर जाते थे और रास्ते में 2-3 कर्मचारी को भी पिक करते थे. इसी बीच उनके यहां से एक व्यक्ति काम करने के बाद छोड़ चुका था उसे पता था कि मालिक प्रति दिन भारी संख्या में कैश लेकर जाते हैं.
लुटेरों ने पहले बनाया पूरा प्लान
उसने अपने साथियों को इस बारे में सूचना दी थी कि वह इस रास्ते से होकर गुजरते हैं. ये लोग पहले भी शाहदार में बड़ी रॉबरी कर चुके थे. इन लोगों ने बीते दो-तीन महीने तक वैभव के बारे में सारी जानकारी इकट्ठी की और उसके बाद हथियार जुटाए. इसी बीच उन्होने 9 फरवरी को 11 बजे के आसपास बवाना सेक्टर-4 DSIDC इंडस्ट्रियल एरिया में इंतजार किया और बाइक सवारों ने अचानक कारोबारी पर हमला बोल दिया. लुटेरा का शुरुआत में प्लान था कि वह कैश लूटकर भाग जाए, लेकिन वैभव चाबी लेकर भाग गया. इसी बीच लुटेरो ने कारोबारी का पीछा करना शुरू कर दिया और गोली भी चलाना शुरू कर दिया. इस दौरान वैभव के ठुड्डी में गोली लग गई. हालांकि, आरोपी लैपटॉप लूटकर भाग गए लेकिन कैश गाड़ी में ही रह गया.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने क्रेडिट लेने कोशिश की
मर्डर के कुछ देर बाद ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर क्रेडिट लेने की कोशिश की. अमेरिका में बैठे रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि ये हमारे खेल में दखल देने की कोशिश कर रहा था. यही वजह है कि इसको इस दुनिया से एग्जिट कर दिया. लेकिन जांच के दौरान बिश्नोई गैंग को कोई कनेक्शन नहीं मिला बल्कि यह सिर्फ लूटपाट का मामला सामने आया . इसी बीच स्पेशल सीपी ने कहा कि अभी थोड़ी सी मिस्ट्री बाकी है और आगे 1-2 गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
