Fire in the Train: पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले के कटवा रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के यात्री ट्रेन के एक डिब्बे में भीषण आग लग गई. आग से डिब्बा पूरी तरह से जलकर राख हो गया.
Fire in the Train: पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले के कटवा रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के यात्री ट्रेन के एक डिब्बे में भीषण आग लग गई. आग से डिब्बा पूरी तरह से जलकर राख हो गया. यह तो संयोग था कि डिब्बे में कोई यात्री नहीं था. इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है. दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफार्म नंबर दो पर खड़ी कटवा-अजीमगंज यात्री ट्रेन के एक डिब्बे में सुबह करीब 4:30 बजे आग लग गई. सूचना पर तत्काल पहुंचे दो दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर 30 मिनट बाद आग पर काबू पा लिया. पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों ने आग को आसपास के डिब्बों में फैलने से रोकने के लिए प्रभावित डिब्बे को तुरंत अलग कर दिया. उन्होंने बताया कि हावड़ा डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. एक फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल का दौरा करेगी.
DRM पहुंचे घटनास्थल पर
अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने का सही कारण पता चलेगा. स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने डिब्बे को आग की लपटों में घिरा देखा, जिससे प्लेटफार्म पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. डिब्बा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, सीटें जलकर राख हो गई थीं, केवल लोहे के काले ढांचे ही बचे थे. अधिकारियों ने बताया कि बाहरी हिस्से में भी व्यापक क्षति हुई. हावड़ा मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) विशाल कपूर ने बाद में कटवा जाकर प्रभावित डिब्बे का निरीक्षण किया. इस बीच, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. टीएमसी ने रेल सुरक्षा की आलोचना करते हुए इस घटना को “दो भारत” का “ज्वलंत उदाहरण” बताया.
TMC ने BJP पर साधा निशाना
TMC ने X पर एक पोस्ट में कहा कि @नरेंद्रमोदी के भारत में, वंदे भारत ट्रेनों और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का उद्घाटन बड़े धूमधाम, शेखी और आत्म-प्रशंसा के साथ किया जाता है. वहीं, जिस भारत में लाखों लोग रहते हैं, वहां साधारण यात्री ट्रेनें बुनियादी सुरक्षा मानकों को भी पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं. पार्टी ने आगे कहा कि कितने भारतीय वास्तव में वंदे भारत योजना का खर्च उठा सकते हैं? अधिकांश लोग यात्री ट्रेनों में यात्रा करते हैं. वे विलासिता नहीं, सुरक्षा चाहते हैं. फिर भी, 4 प्रतिशत से भी कम रेलवे मार्ग ‘कवच’ योजना से ढके हुए हैं. टीएमसी ने कहा कि बालासोर ट्रेन दुर्घटना में लगभग 300 लोगों की जान जाने के बाद, विनम्रता, आत्मनिरीक्षण और तत्काल व्यवस्थागत सुधार की उम्मीद की जा सकती थी. इसके बजाय, सोशल मीडिया पर रील मंत्री @अश्विनीवैष्णव द्वारा छवि सुधार का प्रयास किया गया. जब शासन एक जनसंपर्क अभियान बन जाता है, तो सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया जाता है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
